रूस: कोविड-19 वैक्सीन को लॉन्च करने से पहले शोधकर्ताओं पर किया गया परीक्षण

मॉस्को। दुनियाभर में कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसकी वैक्सीन बनाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक पूरी कोशिश में जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक किसी को भी सफलता नहीं मिल पाई है। हालांकि रूस इस मामले में दुनिया के बाकी देशों से बाजी मार सकता है। रूस कोरोना वायरस के खातमे के लिए प्रभावी वैक्सीन लॉन्च करने वाला दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है। ये कोविड-19 वैक्सीन मॉस्को के 'गैमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी' में तैयार की गई है।

Recommended Video

    Corona Vaccine : दुनिया को मिलने वाली है पहली वैक्सीन ? रूस कराएगा रजिस्ट्रेशन| वनइंडिया हिंदी
    russia, coronaviurs, covid-19, vaccine, coronavirus vaccine, vaccine coronavirus, covid vaccine, covid, covid 19 vaccine, coronavirus vaccine india, india coronavirus, corona vaccine update, coronavirus update, coronavirus update vaccine, coronavirus news, corona news, corona vaccine news, corona virus vaccine, vaccine for corona, covid vaccine india, vaccine for covid, coronavirus in india, covid vaccine news, oxford vaccine, coronavirus vaccine in india, russian vaccine, कोरोना वायरस, कोविड-19, वैक्सीन, कोरोना वैक्सीन, रूस वैक्सीन

    रूस ने दावा किया है कि वह 12 अगस्त को इस वैक्सीन को रजिस्टर कराने जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस में गैमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक अलेक्जेंडर गिन्सबर्ग सहित अन्य शोधकर्ताओं ने खुदपर वैक्सीन का परीक्षण किया है। अलेक्जेंडर गिन्सबर्ग का कहना है कि वैक्सीन का मानवों पर परीक्षण करने से पहले शोधकर्ताओं पर परीक्षण करना विवाद को जन्म दे रहा है। हालांकि उनके इस बयान की रशियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल रिसर्च एसोसिएशन (RACRA) ने निंदा की है।

    एसोसिएशन का कहना है कि ये 'क्लिनिकल रिसर्च, रूसी कानून और सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।' वैक्सीन ने सभी परीक्षणों को पूरा कर लिया है और रूसी अधिकारियों ने इसे उपयोग के लिए एकदम ठीक बताया है। रूस ने योजना बनाई है कि वह इसी हफ्ते वैक्सीन को लॉन्च कर देगा। इसके साथ ही खबर ये भी है कि वह वैक्सीन का निर्माण शुरू होने से पहले इसे फ्रंटलाइन वर्कर्स को दे सकता है क्योंकि उन्हें संक्रमित लोगों के बीच में ही काम करना है।

    आपको बता दें किसी भी वैक्सीन को आम लोगों के इस्तेमाल के लिए तभी मंजूरी मिलती है, जब वो मानव परीक्षण के तीन चरणों को पूरा कर लेती है। सामान्य परिस्थितियों में किसी वैक्सीन के मानव परीक्षण के पहले चरण में ही कई महीनों का वक्त लग जाता है। हालांकि रूस के मामले में ऐसा माना जा रहा है कि वो इस वैक्सीन के सभी चरणों को पूरा कर चुका है। जिसके चलते वैक्सीन आम लोगों के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से तैयार है।

    कोरोना का कहर, अगस्त माह में टूटा रिकॉर्ड, कुल मामलों में 25 फीसदी अकेले भारत में

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+