VIDEO: भारत के करीबी दोस्त ने बना डाला 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान, 1900 KM प्रति घंटे है रफ्तार

आने वाले दिनों में दुनिया में उसी का वर्चस्व रहेगा, जिसकी वायुसेना सबसे ज्यादा मजबूत होगी। इस वजह से सभी देश हाईटेक लड़ाकू विमानों को बनाने में जुटे हुए हैं, जो कभी भी और कहीं पर भी हमला कर सकें। अब भारत के सबसे खास दोस्त रूस ने एक एयर शो के दौरान पांचवीं पीढ़ी के दूसरे लड़ाकू विमान को पेश किया, जिसका नाम 'चेकमेट' रखा गया है। वैसे तो अभी इसके लॉन्चिंग में कुछ सालों का वक्त बाकी है, लेकिन इसकी पहली तस्वीर देखकर ही बहुत से देश टेंशन में चले गए हैं। (वीडियो-नीचे)

Recommended Video

    VIDEO: भारत के करीबी दोस्त ने बना डाला 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान, 1900 KM प्रति घंटे है रफ्तार
    300 जहाजों का होगा उत्पादन

    300 जहाजों का होगा उत्पादन

    दरअसल ज्यादातर देश तीसरी और चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान ही इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में रूस ने दुनिया के सामने अपनी पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान पेशकर सबके होश उड़ा दिए। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ये विमान अमेरिका के मौजूदा एफ-35 से मुकाबला करेगा। मॉस्को में चल रहे एयर शो में पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसका निरीक्षण भी किया। उम्मीद जताई जा रही है कि ये जेट 2023 में आसमान में देखने को मिलेगा। इसके अलावा 2026 में इसके पहले बैच का उत्पादन सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा। फिर आगामी 15 सालों में 300 नए जहाजों के उत्पादन का प्लान है, जो रूस अपने साथी देशों को भी सप्लाई करेगा।

    कई मिसाइलों से लैस

    कई मिसाइलों से लैस

    इस विमान को यूनाइटेड एयरोस्पेस कंपनी तैयार कर रही है, जिसने मिग और सुखोई का डिजाइन तैयार किया था। वहीं बनावट की बात करें, तो इस विमान के आगे का सिरा ज्यादा नुकीला है। साथ ही इसमें कॉकपिट के नीचे एक इंजन इंटेक लगा है। इसका डिजाइन भी ऐसा है कि कोई रडार इसको ना पकड़ पाए। इसमें इन्फ्रारेड, रडार-गाइडेड एयर-टू-एयर मिसाइल, एयर-टू-ग्राउंड और एंटी-शिप मिसाइल, गाइडेड और अनगाइडेड बम, अनगाइडेड रॉकेट लगाए जा सकते हैं।

    1500 किमी की नॉनस्टाप यात्रा

    1500 किमी की नॉनस्टाप यात्रा

    चेकमेट पेलोड के साथ एक बार में बिना रुके 1500 किलोमीटर की यात्रा कर सकता है, जबकि इसकी अधिकतम स्पीड 1,180 मील (1900 किलोमीटर) प्रति घंटे है। अगर इसका पायलट चाहे तो वो हवा में ही दूसरे विमानों के साथ डेटा साझा कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि चेकमेट छोटे रनवे पर भी आसानी से लैंडिंग और टेकऑफ कर सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एक जहाज की कीमत 25-30 मिलियन डॉलर आएगी, जो F-35 (75 मिलियन) की तुलना में बहुत कम है।

    भारत को भी मिलने की उम्मीद

    आपको बता दें कि भारत प्रमुख रूप से मिग और सुखोई विमानों का इस्तेमाल करता है, जो रूस में बने हैं। हाल ही में खबर आई थी कि भारतीय वायुसेना कुछ नए मिग-29 विमानों का ऑर्डर देने जा रही है। वहीं भारत और रूस के संबंध बहुत ही मजबूत हैं। जिस वजह से उम्मीद जताई जा रही कि विमान तैयार होते ही रूस भारत को भी इसकी पेशकश करेगा।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+