यूक्रेन पर अब ज्यादा ताकत से हमला करेगा रूस, भेजी बड़ी सेना, मारियुपोल में छिड़ी बड़ी लड़ाई
कीव, 1 मार्च। यूक्रेन पर हमले के छह दिन बाद भी उम्मीद के मुताबिक सफलता मिलती न देख रूस अब तिलमिला गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस अब और अधिक ताकत से हमला कर रहा है और उसने अपने हमलावर दस्ते का 75 प्रतिशत तक यूक्रेन में तैनात कर दिया है। वहीं यूक्रेनी सैनिकों से रूस को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। यूक्रेन ने 5710 रूसी सैनिकों के मारे जाने या घायल होने का दावा किया है। एक नजर डालते हैं कि युद्ध के छठें दिन अभी तक क्या-क्या हुआ है।

खेरसान में रूसी सैनिक
कुछ रूसी सैनिक यूक्रेन के दक्षिणी शहर खेरसान में प्रवेश करने में सफल हो गए हैं। जहां पर यूक्रेनी सैनिकों से कड़ी टक्कर मिल रही है और शहर के भीतर भीषण लड़ाई छिड़ी हुई है। बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में शहर के अंदर लड़ाई छिड़ने की पुष्टि की है।
वहीं अधिकारियों ने बताया है कि पूर्वी यूक्रेन के दूसरे शहर खारकीव में रूसी सेना ने रिहायशी इलाकों में जानबूझकर गोलीबारी की है जिसमें कम से कम 10 लोग मारे गए हैं। खारकीव में ही हुए हमले में एक भारतीय छात्र की मौत हुई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने नागरिकों के खिलाफ रूसी हमले को युद्ध अपराध कहा है।

मारियुपोल में बिजली कटी
दक्षिणी पूर्वी यूक्रेन के एक बंदरगाह वाले शहर मारियुपोल में बिजली कट गई है। रूसी सेना शहर पर कब्जा कर पूर्व में रूस समर्थित विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए लगातार गोलीबारी कर रही है।
वहीं सेटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि बख्तरबंद वाहनों के साथ रूसी सेना की भारी टुकड़ी राजधानी कीव की ओर बढ़ रही है। कीव पर कब्जा करने के लिए पहले भेजी गई रूसी सेना शहर से 30 किमी की दूरी पर रुकी हुई है और उसे यूक्रेनी सैनिकों से करारा जवाब मिल रहा है।
मंगलवार दोपहर रूस ने चेतावनी दी थी कि वह कीव में सैन्य बलों के मुख्यालय और युद्र केंद्रों पर हमले करेगा। रूस ने स्थानीय लोगों से जगह छोड़ने को कहा था।
यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी शहर ओख्तिरका में रूस ने बड़ा हमला किया है जिसमें 70 यूक्रेनी सैनिक मारे गए हैं।

मारियुपोल पर कब्जा क्यों करना चाहता है रूस?
रूस के हजारों सैनिक और रूस समर्थित अलगाववादी लड़ाके एक सप्ताह से यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी शहर मारियोपुल पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच रूस की सेना ने शहर के निवासियों की बिजली काट दी है। इस शहर की आबादी 4 से 5 लाख के बीच बताई जा रही है।
दोनेत्स के रूस समर्थित अलगाववादी नेता डेनिस पुशिलिन ने कहा है कि उनके लड़ाके शहर को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि ये सैनिक रूस की सबसे अग्रिम टुकड़ी का ही हिस्सा हैं।
काला सागर से सटे आजोव सागर पर महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थिति वाले मारियुपोल पर कब्जा रूस के लिए बहुत जरूरी है। यह क्षेत्र रूसे के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप को पूर्वी यूक्रेन के क्षेत्रों पर कब्जा किए हुए अलगाववादी क्षेत्रों से अलग करता है। अगर रूसी सैनिक मारियुपोल पर कब्जा कर लेते हैं तो उन्हें दोनेत्स्क और लुहांस्क के अलगाववादी सैनिकों तक पहुंच मिल जाएगी। साथ ही क्रीमिया में मौजूद रूसी सैनिक भी इन क्षेत्रों तक पहुंच जाएंगे जो युद्ध में रूस को बड़ी बढ़त दिलाएगा।
साथ ही यह महत्वपूर्ण बंदरगाह भी है। यहां से जहाज दुनियाभर में अनाज का निर्यात करते हैं। इस शहर पर कब्जा रूस के लिए दुनिया में पहुंच भी आसान करेगा।












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