रूस ने नहीं साइन की है पाकिस्तान के साथ कोई भी डील!
बेंगलुरू (ऋचा बाजपेयी)। कुछ दिनों पहले पाकिस्तान की मीडिया में खबर आई थी कि रूस और पाक के बीच एक ऐसी डील होने जा रही है जिसके बाद पाक, रूस से चीनी जेट जेएफ-17 के लिए सीधे इंजन हासिल कर सकेगा। अभी तक पाक को यह इंजन चीन के जरिए मिलते थे। लेकिन बेंगलुरु में चल रहे 10वें एरो इंडिया शो के दौरान रूस की कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ़ट काॅरपोरेशन की ओर से ऐसी किसी भी खबर से साफ इंकार कर दिया गया।
रूस नहीं कर सकता ऐसा कोई भी सौदा
पाक मीडिया में कुछ दिनों पहले खबरें आ रही हैं कि चीन ने एक ऐसी एनओसी साइन कर ली है जिसके बाद पाक, रूस से सीधे जेट के लिए इंजन हासिल कर सकेगा। रूस में बनने वाले इन इंजनों को चीन का रास्ता तय करके पाक आना पड़ता था।
गुरुवार को एरो इंडिया के दौरान मीडिया से बातचीत करते समय वनइंडिया के इससे जुडे एक सवाल के जवाब में कंपनी की ओर से इन खबरों को पूरी तरह से गलत करार दिया गया। कंपनी के प्रतिनिधियों से सवाल किया गया कि आखिर रूस को ऐसी क्या जरूरत आन पडी कि उसने भारत के दुश्मन और उसके सबसे बडे आतंकी खतरे के साथ इतना बडा रक्षा सौदा कर डाला। वह भी तब जब रूस और भारत इतने करीबी दोस्त है।
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इस पर कंपनी के प्रतिनिधि कुछ मिनटों तक खामोश रहे और थोडी देर बाद उन्होंने इसका जवाब न में दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई भी डील रूस ने साइन ही नहीं की है और न ही वह कभी ऐसा करेगा। कंपनी की ओर से जवाब दिया गया कि भारत और रूस के रिश्ते बाकी देशों से काफी अलग हैं और वह कभी भी इन रिश्तों पर कोई आंच नहीं आने देगा।
तो क्या भारत को दोस्त झूठ बोल रहा है
जेएफः17 चीन का एडवांस जेट है और रूस का कहना है कि यह चीन और पाक के बीच का ज्वाइंट प्रोजेक्ट है। ऐसे में भला वह इसके इंजन की सीधी आपूर्ति की मंजूरी कैसे दे सकता है।
अगर रूस की बात सही है तो फिर चीन की ओर से एनओसी से जुडी जो भी खबरें आ रही हैं, उनको गलत माना जाना चाहिए। लेकिन ऐसा लगता नहीं क्योंकि चीन की ओर से खुद इस खबर की पुष्टि कर दी गई है। तो क्या भारत का करीबी दोस्त और पिछले कई दशकों से उसके हर कदम पर, उसके साथ मजबूती से खड़ा नजर आ रहा रूस झूठ बोल रहा है।
रूस में जारी यूक्रेन संकट की वजह से जानकारों का मानना है कि वह इस तरह के कदम उठा सकता है। अगर यह बात सही है तो फिर यह भारत के लिए चिंता का बडा विषय है। वहीं पाक के साथ हुई रूस की एनर्जी डील के सवाल पर भी रूस के प्रतिनिधि गोलमोल जवाब दे गए। यूनाइटेड एयरक्राफट काॅरपोरेशन ही वह कंपनी है जो भारतीय वायुसेना के लिए पांचवीं पीढ़ी के सुखोई का निर्माण करने में व्यस्त है।
अमेरिका की करीबियों से नहीं कोई डर
यूनाइेटेड एयरक्राफट काॅरपोरेशन की मानें तो भारत और अमेरिका के बीच बढते सैन्य संबंधों से वह तनिक भी परेशान नहीं है। रूस जानता है कि भारत उसकी दोस्ती की अहमियत को समझता है। हालांकि रूस यह भी चाहेगा कि इन करीबियों से रूस के हितों पर कोई भी असर न पडे़।













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