यूक्रेन: अब रूसी अधिकारियों का आदेश मानेंगे न्यूक्लियर प्लांट के कर्मचारी, 11 इंजीनियर्स पहुंचे
नई दिल्ली, 12 मार्च: यूक्रेन पर रूस का आक्रमण लगातार जारी है। कुछ दिनों पहले ही रूस ने यूक्रेन के अहम न्यूक्लियर प्लांट को अपने कब्जे में ले लिया था। जिसके बाद से दुनिया के सभी देश परेशान हैं। अब रूस ने न्यूक्लियर प्लांट के अधिकारियों से साफ कह दिया है कि उन्हें रूसी सरकार और वहां के अधिकारियों का आदेश मानना पड़ेगा, वर्ना उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट पर कुछ दिनों पहले रूस ने पूरी तरह कब्जा जमा कर लिया था। अब वो वहां पर 11 इंजीनियर्स को लेकर पहुंचा है। साथ ही प्लांट के कामकाज में दखल देना शुरू कर दिया। यूक्रेन की सरकारी परमाणु कंपनी Energoatom के प्रमुख के मुताबिक रूसी अधिकारियों ने प्लांट के कर्मचारियों को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि सभी को अब से रूसी राज्य परमाणु ऊर्जा निगम रोसाटॉम के आदेश का पालन करना होगा।
क्यों महत्वपूर्ण है ये प्लांट?
यूक्रेन के न्यूक्लियर पॉवर ऑपरेटर Energoatom के मुताबिक इस संयंत्र में 6 पॉवर यूनिट संचालन में हैं। इसमें पहले की शुरुआत 1984 में हुई थी। इस प्लांट से 4,000 से 4,200 करोड़ किलोवॉट घंटा बिजली का उत्पादन होता है, जोकि यूक्रेन के सालाना बिजली उत्पादन का औसतन 20 से 25 फीसदी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस प्लांट में यूक्रेन की करीब एक चौथाई बिजली उत्पादित होती है। यही नहीं, यूक्रेन के विभिन्न न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में जितनी बिजली पैदा होती है, उसका करीब 47% इसी प्लांट पर निर्भर है।












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