Russia Attack on Kyiv: कीव पर रूस ने दागी 629 मिसाइलें-ड्रोन, 14 की मौत, बच्चों की चीखें मातम में बदलीं!
Russia Attack on Kyiv: यूक्रेन की राजधानी कीव में 28 अगस्त 2025 की सुबह एक खौफनाक मंजर बन गया, जब रूस ने रातों-रात 629 ड्रोन और मिसाइलों की बारिश कर दी। इस भीषण हमले ने कीव को दहला दिया, जिसमें 2, 14 और 17 साल के तीन बच्चों समेत कम से कम 14 लोग मारे गए और 48 घायल हो गए।
पांच मंजिला इमारतें ध्वस्त, शॉपिंग मॉल तबाह, और यूरोपीय संघ के दफ्तर तक नहीं बचे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इसे 'नागरिकों की जानबूझकर हत्या' करार देते हुए रूस पर शांति वार्ता को ठुकराने का इल्जाम लगाया। आइए, इस सियासी और खूनी ड्रामे की पूरी कहानी जानते हैं....

कीव में मातम: 'पांच मंजिलें ध्वस्त, चीखें गूंजीं'
28 अगस्त की तड़के सुबह, जब कीव सो रहा था, रूस ने अपने सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया। यूक्रेन की वायु सेना के मुताबिक, रूस ने 598 शाहिद ड्रोन और 31 मिसाइलें (जिनमें ख-47M2 किंझाल, इस्कंदर-एम, और ख-101 क्रूज मिसाइलें शामिल थीं) दागीं। यूक्रेन ने 589 हथियारों को मार गिराया, लेकिन 40 ने कीव के सात ज़िलों में 20 से ज्यादा ठिकानों को तबाह कर दिया।
दरनित्सकी जिले में एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत पूरी तरह ढह गई, जिसके मलबे में लोग दब गए। मलबे से निकाले गए शवों को काले थैलों में रखा गया, और बचावकर्मी सुलगते अवशेषों में जिंदगियां तलाशते रहे। स्थानीय निवासी गैलिना शचरबाक ने AFP को बताया, 'कांच के टुकड़े हवा में उड़ रहे थे। बमों की आवाज से हम चीख पड़े।'
वालेरी सावेंको, जिनका अपार्टमेंट हमले में बर्बाद हो गया, ने गुस्से में कहा, 'वे सिर्फ रिहायशी इमारतों को निशाना बना रहे हैं। कीव के दिल में कौन सा सैन्य ठिकाना है?' कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने 29 अगस्त को शोक दिवस घोषित किया, और शहर में झंडे आधे झुके रहे।
जेलेंस्की का गुस्सा: 'रूस को सिर्फ खून चाहिए!'
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने X पर लिखा, '14 लोग मारे गए, जिनमें तीन बच्चे हैं। यह नागरिकों की भयावह हत्या है। रूस शांति नहीं, बल्कि नए हमले चुन रहा है।' उन्होंने कहा कि रूस ने 'नकली ड्रोन, क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों' से रिहायशी इलाकों को 'जानबूझकर' निशाना बनाया।
ज़ेलेंस्की ने दुनिया से कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की: 'रूस को इस युद्ध के हर हमले का परिणाम भुगतना होगा। नए और सख्त प्रतिबंध चाहिए। मास्को सिर्फ ताकत और दबाव समझता है।' उन्होंने रूस के सहयोगियों, खासकर चीन और हंगरी, से मास्को पर दबाव डालने की अपील की।
यूरोप का दर्द: EU दफ्तर भी नहीं बचा
हमले में यूरोपीय संघ के कीव स्थित दफ्तर को भी नुकसान पहुंचा। EU परिषद के प्रमुख एंटोनियो कोस्टा ने X पर तस्वीर शेयर की, जिसमें टूटी खिड़कियां और बिखरा मलबा दिख रहा था। उन्होंने लिखा, 'यूक्रेनी पीड़ितों और EU स्टाफ के साथ मेरी संवेदनाएं। यह रूस का जानबूझकर किया गया हमला है। EU डरेगा नहीं।'
EU अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, 'रूस को नागरिकों पर अंधाधुंध हमले बंद करने होंगे। उसे शांति वार्ता में शामिल होना चाहिए।' फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे 'आतंक और बर्बरता' करार दिया।
शांति की उम्मीदें टूटीं: ट्रंप-पुतिन मुलाकात बेकार?
यह हमला तब हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुआई में शांति वार्ता की कोशिशें चल रही थीं। 15 अगस्त को ट्रंप ने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी, और 18 अगस्त को ज़ेलेंस्की व यूरोपीय नेताओं के साथ वॉशिंगटन में बातचीत की थी। लेकिन पुतिन ने ज़ेलेंस्की के साथ सीधी बातचीत और युद्धविराम से इनकार कर दिया।
ज़ेलेंस्की ने कहा, 'मास्को शांति वार्ता में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। सभी डेडलाइन टूट चुकी हैं, कूटनीति के दर्जनों मौके बर्बाद हो गए।' पुतिन ने कीव से पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र छोड़ने और NATO से दूरी की शर्त रखी, जिसे यूक्रेन ने ठुकरा दिया।
कीव का जवाब: रूस की रिफाइनरियों पर हमला
यूक्रेन ने भी पलटवार किया। उसी रात यूक्रेन ने रूस की क्रास्नोदार और समारा क्षेत्र की दो बड़ी तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले किए, जिससे आग लग गई। रूस ने दावा किया कि उसने 102 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। ये हमले यूक्रेन की रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत वह रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है।
क्या है इस तबाही का सच?
यह हमला युद्ध का दूसरा सबसे बड़ा हवाई हमला था, जिसने कीव के दिल को चीर दिया। सवाल उठ रहे हैं:-
- पुतिन की मंशा: क्या रूस जानबूझकर शांति वार्ता को तोड़ रहा है?
- नागरिक निशाना: रिहायशी इमारतों और EU दफ्तर पर हमला क्या रूस की रणनीति का हिस्सा है?
- यूक्रेन का जवाब: क्या यूक्रेन के ड्रोन हमले रूस को रोक पाएंगे?
ज़ेलेंस्की ने दुनिया से कड़े प्रतिबंधों और सैन्य मदद की मांग की है। लेकिन जब तक पुतिन टस से मस नहीं होता, कीव की सड़कों पर मलबा और मातम ही नज़र आएगा। यह युद्ध अब सिर्फ हथियारों का नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति और कूटनीति का भी है। क्या दुनिया रूस को जवाबदेह ठहराएगी, या कीव की चीखें मलबे में दबकर रह जाएंगी?
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