Russia Vs America: पहले तारीफ, फिर चेतावनी, अमेरिका-यूक्रेन की इस डील पर क्यों बोले पुतिन- 'अंजाम बुरा होगा'?
Russia Vs America: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका, यूक्रेन को Tomhawk मिसाइलें देता है, तो इसका अंजाम ज्यादा बुरा हो सकता है। साथ ही, पुतिन ने यह भी कहा कि इन मिसाइलों से युद्धक्षेत्र की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। पुतिन ये बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के बयान के बाद सामने आया है। वेंस ने कहा था कि यूक्रेन लंबी दूरी की Tomhawk मिसाइलें चाहता है और वाशिंगटन इस पर विचार कर रहा है।
क्या होगा अगर दे दी Tomhawk मिसाइलें?
पुतिन ने जोर देकर कहा कि Tomhawk मिसाइलों का इस्तेमाल खतरनाक साबित होगा और इससे एक "नया टकराव चरण" शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मिसाइलों का उपयोग अमेरिकी सैन्य कर्मियों की सीधी भागीदारी के बिना संभव नहीं है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि Tomhawk मिसाइलों की आपूर्ति संभव नहीं है क्योंकि ज्यादातर स्टॉक पहले से ही अमेरिकी नौसेना और अन्य जरूरतों के लिए आरक्षित हैं। इससे पहले यह भी रिपोर्ट किया गया था कि अमेरिका यूक्रेन को रूस में ऊर्जा ढांचे के लक्ष्यों की खुफिया जानकारी देगा।

रूस के लिए कितना बड़ा होगा खतरा?
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, खुफिया मदद से यूक्रेन रूस के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकेगा। इससे रूस के तेल और रिवेन्यू पर असर पड़ सकता है। पुतिन ने हालांकि कहा कि रूस का एयर डिफेंस सिस्टम जल्द ही इस खतरे से निपटने में सक्षम हो जाएगा।
कोई फर्क नहीं पड़ेगा- पुतिन
पुतिन ने कहा, "यह निश्चित रूप से युद्ध के मैदान पर शक्ति संतुलन को नहीं बदलेगा।" उन्होंने यह बयान तब दिया जब वे अलास्का में डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हुई पिछली बैठक की चर्चा कर रहे थे, जिसमें शांति वार्ता के संभावित विकल्पों पर बात हुई थी।
पुतिन ने कहा कि ट्रम्प के साथ बातचीत "आरामदायक" रही। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रशंसा की और यूक्रेन संकट को सुलझाने के प्रयासों को भी सराहा। साथ ही, उन्होंने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी कि रूसी तेल ले जाने वाले जहाजों को जब्त करने का प्रयास "समुद्री डकैती" है।
जहाजों की जब्ती पर पुतिन की चेतावनी
पुतिन ने कहा, "यह समुद्री डकैती है, और समुद्री डाकुओं के साथ आप क्या करते हैं? आप उन्हें नष्ट कर देते हैं।" उन्होंने यह बयान पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश देने के लिए दिया। इसके साथ ही पुतिन ने 2010 की ग्लोबल वेपन कंट्रोल ट्रीटी, न्यू स्टार्ट, का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फरवरी में इस संधि की निर्धारित समाप्ति के बाद रूस ने अमेरिका को इसे बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था।
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