ब्रिटिश सरकार लगाएगी इस्लामिक संगठन हिज्ब उत-तहरीर पर प्रतिबंध, पूरी दुनिया में खलीफा शासन लागू करना है मकसद
Hizb ut-Tahrir: ब्रिटेन की ऋषि सुनक सरकार ने सोमवार को कहा है, कि इस्लामवादी समूह हिज्ब उत-तहरीर यहूदी विरोधी है और इसे आतंकवादी संगठन के रूप में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
यूके गृह मंत्रालय ने कहा है, कि संसद इस सप्ताह ब्रिटेन में आतंकवाद कानूनों के तहत इस समूह पर प्रतिबंध लगाएगी, ताकि ये संगठन ब्रिटेन में पूरी तरह से अवैध हो जाए। संसद से प्रस्ताव पारित होने के बाद शुक्रवार से ब्रिटेन में हिज्ब उत-तहरीर पर प्रतिबंध लागू हो जाएगा।

हिज्ब उत-तहरीर क्या है?
ब्रिटेन में चल रहे इस आतंकी संगठन पर भले ही अब जाकर प्रतिबंध लगाया जाए, लेकिन भारत में पहले से ही इस आतंकी संगठन अपना बीज बो चुका है। लेबनान से ऑपरेट होने वाले इस संगठन के कई कार्यकर्ताओं को भारत में गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, हिज्ब उत-तहरीर ब्रिटेन के अलावा कनाडा और अमेरिका समेत कम से कम 30 देशों में ऑपरेट होता है।
हिज्ब उत-तहरीर ने 7 अक्टूबर को गाजा पट्टी में युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में यहूदियों के खिलाफ कई रैलियां निकाली हैं।
ब्रिटिश पुलिस ने कहा है, कि एक हिज्ब उत-तहरीर के एक सदस्य को एक वीडियो में "जिहाद" और 'पवित्र युद्ध' का नारा लगाते देखा गया था, हालांकि सबूतों की समीक्षा करने वाले अधिकारियों ने उस समय फैसला लिया, कि उसने ऐसा नारा लगाकर कोई अपराध नहीं किया था।
ब्रिटिश गृह सचिव जेम्स क्लेवरली ने कहा है, कि "हिज़्ब उत-तहरीर एक यहूदी विरोधी संगठन है जो सक्रिय रूप से आतंकवाद को बढ़ावा देता है और प्रोत्साहित करता है, जिसमें 7 अक्टूबर के भयावह हमलों की प्रशंसा करना और जश्न मनाना भी शामिल है।"
वहीं, ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री टॉम तुगेंदट ने कहा है, कि हिज़्ब उत-तहरीर की तरफ से इज़राइल पर हमास के हमलों का जश्न मनाना "अपमानजनक" था।
गृह कार्यालय ने कहा, हिज़्ब उत-तहरीर के पास "इजरायल के खिलाफ हमलों और यहूदियों के खिलाफ हमलों की अधिक व्यापक रूप से प्रशंसा करने और जश्न मनाने का इतिहास" रहा है।
यदि प्रतिबंध लगाने की मंजूरी मिल जाती है, तो प्रतिबंध का मतलब होगा, कि इस समूह से संबंधित होना या उसके लिए समर्थन आमंत्रित करना एक अपराध माना जाएगा, जिसके लिए 14 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
हिज्ब उत-तहरीर को जर्मनी, मिस्र और पाकिस्तान सहित कई देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऑस्ट्रिया ने 2021 में हिज़्ब उत-तहरीर के प्रतीकों पर प्रतिबंध लगा दिया।
खलीफा शासन लागू करना है मकसद
हिज़्ब उत-तहरीर काफी ज्यादा खतरनाक संगठन है और इसका मकसद पूरी दुनिया में खलीफा शासन लागू करना है, जिसमें सख्त शरिया कानून के तहत लोगों को रहना होगा। इस संगठन के शासन में महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलने पर पाबंदी होगी और पूरी दुनिया में सिर्फ और सिर्फ मुसलमान रहेंगे।
हिज़्ब उत-तहरीर संगठन का मानना है, कि खलीफा शासन लागू करने के लिए दुनिया के सभी मुस्लिमों को एक साथ आना चाहिए और अगर कोई मुसलामान इस 'नेक कार्य' में शामिल नहीं होता है, तो वो अल्लाह के खौफ का शिकार होगा।
हिज़्ब उत-तहरीर के विचारों के मुताबिक, सभी मुस्लिम देशों को एक साथ आकर अपनी सेना को एक करना चाहिए और फिर पूरी दुनिया में इस्लामिक सत्ता का विस्तार करने के लिए सैन्य अभियान शुरू करनी चाहिए। इसके अलावा, इसके शासन प्रणाली में हर 15 साल से ज्यादा के युवाओं को इस्लामिक अंदाज में सैन्य प्रशिक्षण देना और लड़कियों के लिए अपने पतियों के गुलाम बनकर रहना अनिवार्य किया गया है।












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