Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Report: मर सकते हैं 53 देशों के 30 करोड़ लोग, खाने की कमी से जूझ रही दुनियां, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Report: हाल ही में किए गए एक सर्वे से पता चलता है कि दुनिया भर में खाने को लेकर असुरक्षा बढ़ती जा रही है, लगभग 30 करोड़ लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं। मानवीय सहायता में कमी, जलवायु परिवर्तन, दुनिया में अलग-अलग इलाकों चल रहे युद्ध और सिविल वॉर जैसी परिस्थितियों ने पिछले साल अतिरिक्त 1.7 करोड़ लोगों को भुखमरी के इस आंकड़े में जोड़ दिया है। खाद्य संकट पर वैश्विक रिपोर्ट GRFC(Global Report On Food Crisis) के अनुसार, यह लगातार छठा साल है जब खाद्य असुरक्षा में भयंकर बढ़ोतरी हुई है, जो अब 295.3 करोड़ लोगों की जिंदगी खतरे में डाल रही है।

GRFC की रिपोर्ट में सामने आया डरावना सच

GRFC की रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अलग-अलग महाद्वीपों में युद्ध, जियो पॉलिटिकल अस्थिरता, वैश्विक आर्थिक संकट और गरीब देशों में फंडिंग में होने वाली कटौती भुखमरी को बड़े स्तर पर पैदा कर रही है। ऐसे लोगों की संख्या 2022 के बाद एकाएक बढ़ी है जो दिन में सिर्फ एक वक्त का खाना खा पा रहे हैं। रिपोर्ट ने 53 देशों का विश्लेषण किया और पाया कि उनकी लगभग एक चौथाई आबादी गंभीर खाद्य कमी से प्रभावित है। यूनाइटेड नेशन्स फूड सिक्योरिटी फेज(UNIPC) ने ऐसे लोगों का खाका तैयार किया है जो भुखमरी से जूझ रहे हैं, चिंता की बात ये है कि पिछले एक साल में इनकी संख्या दोगुनी हो गई है।

Report

सिविल वॉर ने किया बड़ा नुकसान

सूडान के सिविल वॉर ने हालात और खराब कर दिए हैं, जिसके कारण आधिकारिक तौर पर अकाल की घोषणा की गई है और 2.4 करोड़ से ज़्यादा लोग गंभीर भुखमरी का सामना कर रहे हैं। गाजा पट्टी में एक्सपर्ट्स ने पिछले साल अनुमान लगाया था कि आधी आबादी को खाने के संकट का सामना करना पड़ेगा। सीमा बंद होने और युद्ध विराम टूटने के बाद सीमित खाना ही लोगों तक पहुंच रहा है, जिसके कारण गाजा में स्थिति और भी खराब हो गई है। अकेले गाजा में 21 लाख भूख के चलते काल के गाल में समा सकते हैं। इन्हें किसी भी किस्म की मानवीय सहायता भी नहीं मिल पा रही है।

गाजा और सूडान में हालात बदतर

खाने की भयंकर कमी का सामना करने वाले 95% से अधिक लोग गाजा पट्टी या सूडान में रहते हैं। हालांकि, हैती, माली और दक्षिण सूडान में भी बड़ी संख्या में लोग ऐसी ही कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। UNIPC इस भयावह कैटेगरी को भुखमरी, मृत्यु, अभाव और गंभीर कुपोषण के तौर पर दुनिया के सामने लाया है।

केन्या, सोमालिया के हालात बिगड़े

GRFC के एक्सपर्ट्स ने 19 देशों में खाद्य सुरक्षा की स्थिति खराब होने की पहचान की है, जिसका मुख्य कारण म्यांमार, नाइजीरिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य जैसे क्षेत्रों में हो रहे सिविल वॉर हैं। ये मुद्दे जलवायु परिवर्तन जैसे कि इथियोपिया, केन्या, सोमालिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सूखे की आशंका से और भी खतरनाक हो गए हैं। 2025 में अचानक से वित्तीय सहायता बंद होने से सूडान, यमन और हैती जैसे देशों में 14 मिलियन से अधिक बच्चों के लिए खाने-पीने की सुविधा समाप्त हो गई हैं। इससे वे गंभीर कुपोषण और संभावित मृत्यु की तरफ बढ़ रहे हैं। इनमें ज्यादातर बार ऐसा होता है कि बच्चे सिर्फ गंदा पानी पीकर अगली सुबह का इंताजर करते हैं। USAID में कटौती होने से पहले ही, GRFC रिपोर्ट में जांचे गए लगभग आधे देशों में खाने का संकट पहले से ही मौजूद था।

अब क्या होगा?

यह चिंताजनक स्थिति इन बढ़ते संकटों को सिर्फ सामने लाई है लेकिन इससे कैसे निपटा जाए इसके बारे में उपाय तो दूर अभी प्रभावी ढंग से बात होना भी शुरू नहीं हुआ है। अगर जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग देश सहायता के लिए आगे नहीं आए तो इन 30 करोड़ में से कई लोग मर सकते हैं। जिनके मरने का सिलसिला काफी पहले ही शुरू हो चुका है।

इस रिपोर्ट पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+