अफगानिस्तान आर्थिक संकट: अब तक 9 लाख से अधिक लोगों ने खोई नौकरी
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार 2021 की तीसरी तिमाही में पांच लाख से अधिक अफगान श्रमिकों ने अपनी नौकरी खो दी है। बता दें, अफगानिस्तान चार दशकों से संघर्ष की दौर से गुजर रहा है।
काबुल, 10 मई: अफगानिस्तान गहरे संकट के दौर से गुजर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में नौ लाख से अधिक अफगानी नागिरक अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। अफगानिस्तान पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका के विशेष महानिरीक्षक (एसआईजीएआर) ने इस बात की जानकारी दी है।

द खामा प्रेस (Khaama Press) की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के आने के बाद से कामकाजी महिलाओं को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। वहीं, सिगार (SIGAR) के अनुसार, 2022 के मध्य तक महिलाओं के रोजगार में 21 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। जानकारों की माने तो आने वाले समय में गरीबी से लोगों की परेशानी और भी अधिक बढ़ने वाली है।
अफगान श्रमिकों ने गंवाई नौकरी
इसी तरह अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार, 2021 की तीसरी तिमाही में पांच लाख से अधिक अफगान श्रमिकों ने अपनी नौकरी खो दी, और तालिबान के नियंत्रण के बाद से अपनी नौकरी खोने वाले लोगों की संख्या 2022 के मध्य तक सात लाख से नौ लाख लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है। सूखे और महामारी ने अफगानिस्तान (afghanistan) की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस करने की राह पर ला खड़ा किया है। देश में तालिबानी कब्जा के बाद, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने अफगानिस्तान की संपत्ति को फ्रीज कर अन्य मदद पर रोक लगा दी है।
तालिबानी दौर में महिलाओं पर प्रतिबंध
हालांकि, रिपोर्ट यह भी बताती है कि अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति के दौरान महिलाओं के अधिकारों में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन तालिबान की वापसी से इस पर खतरा मंडरा रहा है। बता दें कि, 15 अगस्त 2021 में तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद से महिलाओं पर प्रतिबंध लगने शुरू हो गए थे। जबकि तालिबान ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं को सरकार में जगह देने की बात कही थी।












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