यूरोप के बाद अब चीन में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी, कुदरत के साथ खिलवाड़ करने का अंजाम भुगत रहा ड्रैगन
चीन के कई हिस्सों में जारी हीटवेब के बीच राष्ट्रीय आब्जर्वेटरी ने मंगलवार को उच्च तापमान के लिए रेड अलर्ट का नवीनीकरण किया है। यह देश में चार स्तरीय चेतावनी प्रणाली में सबसे गंभीर चेतावनी है।
बीजिंग, 23 अगस्तः चीन के कई हिस्सों में जारी हीटवेब के बीच राष्ट्रीय आब्जर्वेटरी ने मंगलवार को उच्च तापमान के लिए रेड अलर्ट का नवीनीकरण किया है। यह देश में चार स्तरीय चेतावनी प्रणाली में सबसे गंभीर चेतावनी है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, गांसु, शानक्सी, अनहुई, जिआंगसु, शंघाई, हुबेई, हुनान, जियांग्शी, झेजियांग, फ़ुज़ियान, सिचुआन, चोंगकिंग, गुइझोउ, ग्वांगडोंग और गुआंग्शी के कुछ हिस्सों में तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना बताई गई है।

कई इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान
इसके साथ ही मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि शानक्सी, सिचुआन, चोंगकिंग, हुनान, जियांग्शी, झेजियांग और फ़ुज़ियान में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकता है। केंद्र ने स्थानीय अधिकारियों को हीटवेव के खिलाफ आपातकालीन उपाय करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ धूप में किए जाने वाले ऐसे काम जो श्रमिकों को करने पड़ते हैं, स्थगित करने का भी निर्देश दिया है। इसके साथ ही केंद्र ने अग्नि सुरक्षा के मामले में सावधानी बरतने और कमजोर समूहों का विशेष ध्यान रखने की बात कही है।

अब तक की सबसे अधिक गर्मी झेल रहा चीन
चाइनीज एकेडमी ऑफ मेटियोरोलॉजिकल साइंसेज के सीनियर रिसर्च फेलो सन शाओ ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि इस साल की गर्मी की लहर चीन द्वारा 1961 में मौसम संबंधी अवलोकन शुरू करने के बाद से सबसे मजबूत और सबसे लंबी है। इस गर्मी की वजह से यांग्त्ज़ी नदी के ऊपरी हिस्सों में जलस्तर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। चीन की यांग्त्ज़ी नदी न सिर्फ प्रमुख जल स्रोत है बल्कि हाइड्रोपावर, ट्रांसपोर्ट और फसलों के बेहद जरूरी है। चीन में पड़ रही अभूतपूर्व गर्मी से चीन में एयर कंडीशनिंग की डिमांड में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है जिसके चलते पावर ग्रिड पर अतिरिक्त लोड पड़ रहा है।

छह दशकों में हुई सबसे कम बारिश
जल संसाधन मंत्रालय (MWR) के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले हफ्ते यांग्त्ज़ी नदी बेसिन में छह दशकों में सबसे कम गर्मी की बारिश हुई थी। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, जुलाई की शुरुआत से, चीन के दक्षिण, मध्य और दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों में कम वर्षा और उच्च तापमान के कारण सूखे की समस्या हुई है। इसकी वजह से जिआंगसु, अनहुई, हुबेई, झेजियांग, जियांग्शी, हुनान, गुइझोउ, चोंगकिंग, सिचुआन और तिब्बत के कुछ क्षेत्रों में मध्यम स्तर से अधिक सूखा अब भी बना हुआ है। केंद्र के मुताबिक अगले तीन दिनों में उपरोक्त क्षेत्रों में शुष्क मौसम जारी रहेगा।

बिजली न मिलने की वजह से कई फैक्ट्रियां हुई बंद
चीन में रिकॉर्डतोड़ गर्मी के पीछे की वजह ड्रैगन का प्रकृति से खिलवाड़ करना बताया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन की वजह से चीन के कई इलाके में तापमान बढ़ रहा है जिससे नदियां सिकुड़ गईं हैं। कई फैक्ट्रियां बिजली न मिलने की वजह से बंद हो चुकी हैं। समय रहते अगर चीनी सरकार कदम नहीं उठाती है तो आर्थिक संकट और बढ़ सकता है। आब्जर्वेटरी ने इन क्षेत्रों को मौसम संबंधी परिवर्तनों पर कड़ी नजर रखने और जरूरत पड़ने पर कृत्रिम वर्षा करने की सलाह दी। साथ ही जंगल में आग लगने की आशंका से भी आगाह किया। चीन की राष्ट्रीय आब्जर्वेटरी ने इस सप्ताह कहा था कि चीन के बड़े हिस्से में चल रही हीटवेव 25 अगस्त के बाद कम होने का अनुमान है।
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