इजरायल में खुदाई के दौरान मिला दुर्लभ खजाना, सोने का सिक्का उठाएगा ऐतिहासिक रहस्य से पर्दा
माना जा रहा है कि सोने का सिक्का काफी बड़ा रहा होगा और उसे काफी मेहनत से ढालकर उसपर राजा और उनके बेटों की तस्वीर बनाई गई होगी।
तेल अवीव, सितंबर 04: इजरायल में खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों के हाथ बहुमूल्य खजाना लगा है, जिससे दुर्लभ इतिहास से पर्दा उठ सकता है। इजरायल पुरातत्व प्राधिकरण ने खुदाई के दौरान इस दुर्लभ खजाने को हासिल किया है। खुदाई के दौरान धरती के अंदर से ऐसी ऐसी चीजें मिली हैं, जो ना सिर्फ अनमोल हैं, बल्कि कई ऐतिहासिक रहस्यों से पर्दा हटाने के लिए काफी है।

धरती से निकला खजाना
इजरायल पुरातत्व प्राधिकरण (आईएए) के शोधकर्ताओं ने रामत हा-शेरोन में तेल अवीव के उत्तर में "दुर्लभ और अप्रत्याशित" कलाकृतियों को खोज निकाला है। दरअसल, इजरायल के रामत-हा-शेरेन शहर का अभी विस्तार किया जा रहा है और शहर का फैलाव करने के लिए लगातार खुदाई की जा रही है। उसी दौरान पुरातत्वविदों के हाथ दुर्लभ खजाना लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक, खुदाई के दौरान इस क्षेत्र में बीजान्टिन-युग के रहस्यमयी सबूत मिले हैं।

प्राचीन जानकारियां मिलेंगी
खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से कई सौ साल पुरानी चीजें मिली हैं, जो साबित करने के लिए काफी है कि उस वक्त भी इजरायल में उद्योग किए जा रहे थे और सामानों के अध्ययन से पता चला है कि अभी तक शहर के जितना प्राचीन होने का अनुमान लगाया जा रहा था, उससे कहीं ज्यादा प्राचीन इस शहर का इतिहास है। खोजी गई कलाकृतियों में से पुरातत्वविदों को सातवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध से एक प्राचीन वाइनप्रेस, कांस्य चेन और बीजान्टिन सोना मिला है।

1500 साल पुरानी है साइट
रिपोर्ट के मुताबिक, जो संरचना और सोने के सिक्के जमीन के अंदर से खोजे गये हैं, वो साइट करीब 1500 साल पुराने हैं। इजरायल पुरातत्व प्राधिकरण के तेल अवीव क्षेत्र के जिला पुरातत्वविद् डिएगो बरकन ने कहा कि, "यह साइट पर अब तक की पहली पुरातात्विक खुदाई है, और इसका केवल एक हिस्सा पहले पुरातात्विक क्षेत्र सर्वेक्षण में पहचाना गया था।" पुरातत्वविदों ने रिसर्च के आधार पर पता लगाया है कि प्राचीन वाइनप्रेस का निर्माण सुंदर मोजेक फर्श और प्लास्टिक की दीवारों के साथ किया गया था, जिससे पता चलता है इस क्षेत्र में कोई बड़ा फॉर्महाउस या गोदाम रहा होगा।

भंडारण और बर्तन मिले
इजरायल के उत्खनन निदेशक डॉ योएल अर्बेल ने कहा कि, "इमारतों और प्रतिष्ठानों के अंदर हमें भंडारण का सामान और खाना पकाने के बर्तनों के कई टुकड़े मिले हैं, जिससे पता चलता है कि यहां काम चलता होगा और यहां पर जो मजदूर काम करते होंगे, वो यहीं पर खाना बनाते होंगे।'' उन्होंने कहा कि, "हमने गेहूं और जौ को पीसने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मोर्टार और चक्की के पत्थर भी बरामद किए हैं और जिनसे शायद जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों को पीसने के लिए इस्तेमाल किया जाता होगा।''

सबसे बहुमूल्य है सोने का सिक्का
इजरायल पुरातत्व प्राधिकरण ने कहा है कि खुदाई के दौरान बेहद दुर्लभ सोने का सिक्का भी जमीन के अंदर से मिला है, जो काफी बहुमूल्य है। ऐसा लग रहा है कि इस सोने के सिक्के को बीजान्टिन सम्राट हेराक्लियस के शासनकाल के दौरान ढाला गया होगा, जिसका साम्नाज्य 638 या 639 सीई में था। सिक्के के एक तरफ बीजान्टिन शासन को दिखाया गया है और दोनों तरफ उसके बेटे हैं।

इतिहास से राज उठाता सिक्का
पुरातत्वविदों ने कहा है कि सोने के सिक्के से उनके समय के रहन-सहन और व्यवस्था के बारे में पता चलता है और ये भी पता चलता है कि उनके पास उन्नत तकनीक रही होगी। सोने के सिक्के के दूसरी तरफ गोलगोथा पहाड़ी पर बने एक क्रॉस को देखा जा सकता है। माना जा रहा है कि सोने का ये टुकड़ा करीब 1300 साल पहले अविश्वसनीय तौर पर बड़ा और दुर्लभ टुकड़ा रहा होगा, जिसे पिघलाकर इस रूप में ढाला गया और राजा और उसके बेटों की तस्वीर बनाई गई। सोने के सिक्के के दूसरी तरफ जो गोलगोथा की पहाड़ी पर एक क्रॉस है, उसे ईसाई परंपरा के मुताबिकस उस जगह के बारे में माना जाता है, जहां यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था।












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