RBI के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन को मिल सकती है इंग्लैंड में बड़ी जिम्मेदारी
लंदन: भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर और जाने माने अर्थशास्त्री रघुराम राजन को इंग्लैंड के बैंक का गर्वनर बनाया जा सकता है। द प्रिंट की खबर के मुताबिक वो गर्वनर पद की रेस में है। सट्टेबाजों और अर्थशास्त्रियों के अनुसार वो मात्र एक ऐसे बाहरी व्यक्ति हैं जो मार्क कार्नी को रिप्लेस कर सकते हैं। ब्रिटेन की मौद्रिक नीति को बनाए रखने और वित्तीय स्थिरता को देखते हुए ये फैसला लिया जा सकता है।

राजन को मिलेगी नई जिम्मेदारी
कार्नी के कार्यकाल को ब्रेकिस्ट विवाद के बीच नियंत्रित किया गया है। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा के इस्तीफे के बाद पार्टी नया नेता का चुनाव करेगी। ब्रेकिस्ट में इंग्लैंड की रहने की समय सीमा 31 अक्टूबर को खत्म हो रही है। रघुराम राजन भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में प्रमुख अर्थशास्त्री रह चुके हैं। राजन ने इस मुद्दे पर वोटरों के साथ सहानुभूति दिखाई थी। शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रोफेसर 56 वर्षीय राजन ने ब्लूमबर्ग से संपर्क करने पर अपनी संभावित उम्मीदवारी के बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।

क्यों हैं गर्वनर पद की पसंद
यूके ट्रेजरी जो बैंक ऑफ इंग्लैंड के अगले गर्वनर की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार है उसने रघुराम राजन को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। चासंलर फिलिप हैमंड ने अगली नियुक्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। हालांकि उन्होंने ये साफ नहीं किया कि वो नौकरी पर रहेंगे या नहीं। राजन 2003 से 2006 तक आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री थे और फिर 2013 में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर बनने से पहले उन्होंने भारत सरकार के सलाहकार के रूप में काम किया।

राजन पूरी तरह से भारतीय नहीं
बीजेपी के मुखर सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि राजन मानसिक रूप से पूरी तरह से भारतीय नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने ब्याज दरों को बहुत अधिक रखा। साल 2016 में स्वामी ने मोदी को एक पत्र लिख कर उन्हें पद से हटाने या फिर निकालने के लिए कहा था। उन्होंने 2017 में अपनी पुस्तक में खुलासा किया था कि उन्होंने नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार को चेताया था।












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