‘दुनिया में शांति के लिए रूस का मजबूत होना जरूरी’, पुतिन ने पश्चिमों देशों को फिर से धमकाया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को चुनाव से दो सप्ताह पहले राष्ट्र के नाम अपना वार्षिक संबोधन दिया। पुतिन ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि हम रूसी मिलकर किसी भी चीज पर काबू पा लेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि एकता ने ही हमें कोरोना और आतंकवाद से निपटना सिखाया है।
पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश चाहते हैं कि रूस कमजोर हो जाए। वे रूस में कलह लाना और भीतर से कमजोर करना चाहते थे। लेकिन इसमें वे बुरी तरह से फेल हो गए। पुतिन ने कहा कि यदि रूस मजबूत नहीं होगा तो दुनिया में शांति नहीं हो पाएगी।

पुतिन ने कहा कि कोई भी देश हमारे अंदरूनी मामले में दखल नहीं दे सकता। पुतिन ने कहा यूक्रेन में हो रहे स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन में हमें जनता का समर्थन मिला। उन्होंने जंग लड़ रहे सैनिकों को हीरो बताया। उन्होंने कहा- वे रूस के लिए लड़ने वाले सभी रूसी सैनिकों के आभारी हैं और उनककी चरणों में झुकते हैं। पुतिन ने जंग में मारे गए सैनिकों के लिए एक मिनट का मौन भी रखा।
2 घंटे से ज्यादा समय चले इस भाषण में पुतिन ने कहा कि रूस ने 2014 में यूक्रेन के डोनबास में युद्ध शुरू नहीं किया था। लेकिन अब वे इस जंग को खत्म करने, 'नाजीवाद को कुचलने' के लिए सब कुछ करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी देशों के खतरनाक कार्यों और बयानों से परमाणु संघर्ष और सभ्यता के विनाश का खतरा है। पुतिन ने दो टूक कहा कि रूसी संघ की स्ट्रैटजिक न्यूक्लियर फोर्स पूरी तरह से तैयार हैं।
पुतिन ने कहा कि जिस किसी ने भी रूस पर हमला करने की कोशिश की, उसे द्वितीय विश्व युद्ध की तुलना में अधिक कठोर परिणाम भुगतने होंगे क्योंकि उनके देश के पास अब ऐसे हथियार हैं जो दुश्मन के इलाके पर निशाना साध सकते हैं।
पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश अब जो कुछ भी लेकर आ रहे हैं, उससे वे पूरी दुनिया को डरा रहे हैं... यह सब वास्तव में परमाणु हथियारों के उपयोग के साथ संघर्ष की धमकी देता है, जिसका अर्थ सभ्यता का विनाश है।
पुतिन ने फेडरल असेंबली को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम की आदत दुनिया को भड़काने की है, वह लगातार वैश्विक संघर्ष को बढ़ा रहे हैं। उनका उद्देश्य हमारे विकास को रोकने से कहीं आगे है। पुतिन ने स्वीडन और फिनलैंड के नाटो में शामिल होने के बाद ऐलान किया कि पश्चिम में रूसी सशस्त्र बलों को और मजबूत किया जाएगा।
अमेरिका पर जमकर निशाना साधा
पुतिन ने अमेरिका पर जमकर हमला बोला। पुतिन ने अमेरिका के उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि रूस यूरोप पर हमला कर सकता है। पुतिन ने कहा कि अमेरिका देशों को संघर्ष के लिए उकसाता है। यूक्रेन, मिडिल ईस्ट और अन्य क्षेत्रों में उसने ही संघर्ष को बढ़ावा दिया और झूठ बोलकर वह इसे छिपाता है।
पुतिन ने कहा कि जिस तरह से रूस द्वारा यूरोप पर हमले की बात कही जा रही है वह साफ बकवास है, पुतिन ने कहा कि अमेरिका ने एक और झूठ बोला था, इसमें कहा गया था कि रूस ने अंतरिक्ष में परमाणु हथियार तैनात किए हैं, अमेरिका ये इसलिए कर रहा है ताकि रूस उससे बातचीत करें, हम हमेशा बातचीत अपनी शर्तों पर करते हैं, हम अगर वाशिंगटन से बातचीत के लिए तैयार भी होंगे तो सिर्फ इस शर्त पर जब उसमें रूस का भला हो।












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