दो महीने के युद्ध में पहली बार रूसी सैनिकों ने पलटी बाजी, मारियुपोल पर कब्जा, पुतिन की महाविजय कैसे?
ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि, दक्षिणी यूक्रेन में स्थिति बंदरगाह शहर मारियुपोल शहर में रूस की सेना ने भीषण नरसंहार किए हैं और मारियुपोल में सैकड़ों लोग मारे गये हैं...
मॉस्को/कीव, अप्रैल 22: यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के करीब दो महीने बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऐलान किया है, कि रूसी सेना ने यूक्रेन के बंदरगाह वाले शहर मारियुपोल को 'आजाद' करवा लिया है। यानि, रूस ने मारियुपोल पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, मारियुपोल में अभी भी यूक्रेन के सैकड़ों सैनिक एक स्टील वर्क फैक्ट्री के अंदर बंद हैं, लेकिन रूस के रक्षा मंत्री ने कहा कि, क्रेमलिन पर अब रूस का नियंत्रण हो चुका है और रूसी सेना को स्टीव फैक्ट्री में मौजूद यूक्रेनी सैनिकों से टकराने की आवश्यकता नहीं है। इसमें कोई शक नहीं, कि मारियुपोल की विजय इस युद्ध में रूस की पहली महाविजय है, लेकिन क्या यूक्रेन युद्ध में अब रूस को आखिरी जीत मिल गई है?
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रूस का मारियुपोल जीत का दावा
रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन में एक टेलीविजन बैठक के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने अपने रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु से कहा, कि ‘आपने मारियुपोल को ‘आजाद' करवा लिया है, इसीलिए मैं आपको इस अवसर पर बधाई देता हूं, और देश के सैनिकों को बधाई देता हूं।‘ हालांकि, दूसरी तरफ यूक्रेन ने कहा कि, मारियुपोल में अभी भी यूक्रेनी सैनिक मौजूद हैं और वो रूसी सैनिकों को अभी चुनौती दे रहे हैं। यूक्रेन ने कहा है कि, यूक्रेनी सैनिकों से आखिरी लड़ाई लड़े बिना ही रूस ने मारियुपोल पर कब्जे का ऐलान कर दिया है'। जबकि, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपने रक्षा मंत्री से कहा कि, ‘मैं औद्योगिक क्षेत्र के प्रस्तावित ‘तूफान' को अनावश्यक मानता हूं। मैं आपको इसे रद्द करने का आदेश देता हूं'। पुतिन ने रक्षा मंत्री शोइगु से कहा कि, ‘इन औद्योगिक सुविधाओं के माध्यम से भगदड़ मचाने कोई आवश्यकता नहीं है ... इस औद्योगिक क्षेत्र को बंद कर दें ताकि एक मक्खी भी न निकल सके'।

मारियुपोल में भीषण तबाही
वहीं, ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि, दक्षिणी यूक्रेन में स्थिति बंदरगाह शहर मारियुपोल शहर में रूस की सेना ने भीषण नरसंहार किए हैं और मारियुपोल में सैकड़ों लोग मारे गये हैं और हजारों लोग अभी भी भूखे हैं, जिनकी बहुत जल्द मौत हो सकती है। लोगों के पास खाना बनाने के लिए खाद्य सामग्री नहीं है, गैस नहीं है, बिजली नहीं है और पिछले दो महीने से इन शहर में लोग कैदियों की रह रहे हैं। मैक्सार टेक्नोलॉजीज ने जो मारियुपोल शहर की तस्वीरें दी हैं, उसमें दर्जनों सामूहिक कब्र दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, कितने लोगों की जान गई है, इसकी सटीक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन बूचा के सामूहिक कब्रों में सैकड़ों लाशे मिलने के बाद मारियुपोल को लेकर भी खौफनाक अंदेशा जताया जा रहा है।

मारियुपोल में भीषण बमबारी
यूक्रेन में युद्ध शुरू करने के बाद से ही रूस का पहला टारगेट मारियुपोल शहर पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल करना था और मारियुपोल के यूक्रेनी सैन्य ठिकानों पर रूसी सैनिकों ने भीषण बमबारी पिछले दो महीनों में की है। रूसी सैनिकों ने हर उस जगह को निशाना बनाया, जहां यूक्रेनी सैनिकों के छिपे होने की संभावना थी और इसी क्रम में एक थियेटर पर बम गिराया गया, जिसमें एक ही साथ 300 लोगों की बम धमाके में मौत हो गई थी।

12 मील में 200 कब्रें
मैक्सार लैब की तस्वीरों से पता चला है कि, मारियुपोल शहर के बीच में 12 मील के फासले के अंदर कम से कम 200 से ज्यादा सामूहिक कब्र खोदे गये हैं। मारियुपोल शहर में युद्ध शुरू होने से पहले करीब साढ़े चार लाख लोग रहते थे, लेकिन पलायन के बाद भी इस शहर में अभी भी एक लाख के करीब लोग मौजूद हैं, जो अपनी आंखों के सामने नर्क बन चुके अपने शहर को देख रहे हैं।

यूक्रेन ने कहा, मची है सिर्फ तबाही
आज सुबह यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा है कि, 'सैकड़ों नागरिक, बच्चे, और घायल अज़ोवस्टल स्टील प्लांट के पास फंसे हुए हैं'। यूक्रेनी रक्षा मंत्री ने कहा है कि, सैकड़ों यूक्रेनी सैनिक भी घायल हैं और अज़ोवस्टल स्टील प्लांट में फंसे हैं, जिन्हें फौरन भोजन, पानी, आवश्यक दवाएं चाहिए, लेकिन रूसी घेराबंदी के चलते उनतक जरूरी सामानों की सप्लाई नहीं हो पा रही है'। इसके साथ ही यूक्रेन की सरकार ने अज़ोवस्टल संयंत्र से लोगों की सुरक्षा की गारंटी के साथ एक तत्काल मानवीय गलियारे बनाने की मांग की है, ताकि घायलों को फौरन बाहर निकाला जा सके। जबकि, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने रक्षा मंत्री को आदेश दिया है, कि ‘औद्योगिक क्षेत्र को इस तरह से बंद कर दिया जाए, कि एक मक्खी भी बाहर नहीं निकल सके'।

रूस के लिए बड़ी जीत है मारियुपोल
अगर यूक्रेन के हाथों से मारियुपोल शहर का नियंत्रण चला गया है, जैसा की रूस ने दावा किया है, तो यूक्रेन के लिए इसका मतलब अपंग होने जैसा है। क्योंकि, मारियुपोल शहर रणनीतिक और राजनीतिक दोनों कारणों से यकीनन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। रणनीतिक रूप से, यह पूर्व-पश्चिम भूमि गलियारे पर एक केंद्रीय नोड है जो क्रीमिया को रूस से जोड़ता है, जिसपर रूस ने 2014 में कब्जा किया था। वहीं, मारियुपोल में पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र तक पहुंचने और वहां तक मिलिट्री सामान पहुंचाने के लिए भी रणनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण है और अगर रूस ने मारियुपोल पर कब्जा कर लिया है, तो पूर्वी यूक्रेन की लड़ाई उसके लिए काफी ज्यादा आसान होने वाली है, क्योंकि फिर वो काफी आसानी से पूर्वी यूक्रेन में लड़ाई लड़ रहे अपने सैनिकों तक खाद्य और मिलिट्री सामान पहुंचा पाएगा।

अब रूस की रणनीति क्या होगी?
24 फरवरी को यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ था और अब करीब करीब 2 महीने इस युद्ध के बीत चुके हैं और मारियुपोल रूस की पहली बड़ी कामयाबी है। वहीं, रूस की कोशिश अब मारियुपोल के रास्ते डोनबास क्षेत्र में अपने सैनिकों तक सहायता पहुंचाने की होगी, ताकि पूर्वी यूक्रेन पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया जा सके। रूसी सैनिकों की कोशिश अब मारियुपोल और क्रीमिया के बीच एक भूमि गलियारे का निर्माण करने का होगा। क्नीमिया पर रूस ने साल 2014 में ही कब्जा कर लिया था, और जो डोनेट्स्क और लुहान्स्क क्षेत्र की लड़ाई जीतने में रूस के लिए काफी अहम योगदान निभाने वाला है। रूस की कोशिश अब डोनेट्स्क और लुहान्स्क को क्रीमिया की तरह ही अलग करने की है और तीनों को एक साथ मिलाकर एक अलग देश का निर्माण करना रूस का प्रमुख उद्येश्य होगा, जो रूस का विश्वासपात्र देश बने। वहीं, मारियुपोल का नियंत्रण हाथ से निकलने के बाद अब यूक्रेन अफगानिस्तान की तरह हो चुका है, यानि, यूक्रेन के पास अब समुद्री रास्ता नहीं बचा है, यानि यूक्रेन करीब दो महीने के बाद ही सही...इस लड़ाई में पूरी तरह से अपंग हो चुका है।












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