मालदीव न बन जाए श्रीलंका! पूर्व राष्ट्रपति यामीन के खिलाफ बढ़ा गुस्सा, 450 करोड़ लेकर भागने का है आरोप
श्रीलंका में जारी तनाव के बीच अब मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। अब्दुल गयूम के खिलाफ देश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
माले, 12 मई: श्रीलंका में जारी तनाव के बीच अब मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। अब्दुल गयूम के खिलाफ देश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति यामीन के राज्य के खजाने से अरबों रूफिया चुराने की खबर सामने आने के बाद से जनता इस पूर्व राष्ट्रपति पर काफी नाराज है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि वह अपने निजी खाते में 450 करोड़ रूफिया जमा कर फरार हैं।

एक मिलियन डॉलर का घर बना रहे गयूम
भारतीय उपमहाद्वीप में कई देशों की स्थिति ठीक नहीं चल रही है। इन देशों को गहरे राजनीतिक तथा आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। भारत के पड़ोसी देश मालदीव में भी इस वक्त माहौल बिगड़ा हुआ है। प्रदर्शनकारी यामीन को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने उनके आवास के दरवाजे, दीवार और यामीन के पार्टी कार्यालय की दीवार पर पेंट कर दिया है। सड़कों पर भी झंडे गाड़ दिए गए हैं। प्रदर्शनकारी नाराज हैं क्योंकि मालदीव के लोग घोर गरीबी से जूझ रहे हैं लेकिन यामीन और उनका परिवार विलासिता के जीवन का आनंद ले रहा है। यामीन उस स्थान पर एक मिलियन डॉलर का घर बना रहे हैं जहां वह वर्तमान में रह रहे हैं। इस खबर से भी लोगों में बेहद गुस्सा है।
कोरोना से बर्बाद हुई अर्थव्यवस्था
मालदीव हिंद महासागर की बीचों बीच बसा एक छोटा सा देश है। यहां की आबादी लगभग 5 लाख है। कोरोना वायरस ने मालदीव की टूरिज्म आधारित अर्थव्यवस्था को खासा नुकसान पहुंचाया है। मालदीव आवश्यक चीज़ों की आपूर्ति के लिए भारत पर निर्भर है। फिलहाल मालदीव इन दिनों एक बुरे दौर से गुजर रहा है उसका भाग्य श्रीलंका जैसा ही हो गया है। यदि अदालतों से न्याय नहीं मिलता है, तो संभावना जताई जा रही है कि एक बार फिर यामीन सत्ता में वापस लौट सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications