सिंगापुर में पीएम मोदी: भारत और सिंगापुर की नेवी के बीच हुआ लॉजिस्टिक सहयोग समझौता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया और मलेशिया के बाद अब सिंगापुर पहुंचे हैं। शुक्रवार को पीएम मोदी का सिंगापुर के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास इस्टाना में स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां पर उनके साथ सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली हसाइन लूंग भी मौजूद थे।
सिंगापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया और मलेशिया के बाद अब सिंगापुर पहुंचे हैं। शुक्रवार को पीएम मोदी का सिंगापुर के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास इस्टाना में स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां पर उनके साथ सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली हसाइन लूंग भी मौजूद थे। इसके बाद पीएम मोदी ने सिंगापुर की राष्ट्रपति हसीना याकूब से भी मुलाकात की। इन सबसे अलग मोदी आज शांगरी ला डायलॉग, जो एक एनुअल सिक्योरिटी मीट है, उसे भी संबोधित करेंगे। पहली बार किसी भारतीय पीएम को यह मौका मिला है कि वह इस डायलॉग को संबोधित करे।

नौसेनाओं के बीच सहयोग के 25 साल
मुलाकात के बाद पीएम मोदी और सिंगापुर के पीएम ली ने मुलाकात के बाद एक ज्वॉइन्ट प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, 'कल शाम सिंगापुर की महत्वपूर्ण कंपनियों के सीईओ के साथ राउंट टेबल पर मुझे भारत के प्रति उनके विश्वास को देखकर बहुत प्रसन्नता हुई। भारत और सिंगापुर के बीच एयर ट्रैफिक तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में दोनों पक्ष जल्द ही द्विपक्षीय एयर सर्विस एग्रीमेंट की समीक्षा शुरू करेंगे।' पीएम मोदी ने इस दौरान डिजिटल इंडिया की भी बात की। उन्होंने कहा कि रुपे, भीम और यूपीआई पर आधारित रेमींटास एप सिंगापुर में अतंरराष्ट्रीय लॉन्च डिजिटल इंडिया और हमारी भागीदारी की नवीनता की भावना को दर्शाता है। पीएम मोदी ने दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच हुए लॉजिस्टिक समझौते का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में साइबर सिक्योरिटी और अतिवाद तथा आतंकवाद से निपटना दोनों देशों के बीच सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे।
सिंगापुर के पीएम ली हसाइन लूंग ने मीडिया से बातचीत करते समय कहा, 'हमारे रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं और हमारी नौसेनों ने आज एक समझौता साइन किया है। इस समझौते के तहत लॉजिस्टिक को-ऑपरेशन पर सहमति बनी है।' उन्होंने बताया कि भारत और सिंगापुर दोनों ही इस वर्ष सिंगापुर-भारत मैरिटाइम द्विपक्षीय अभ्यास की 25वीं वर्षगांठ मनाएंगे। सिंगापुर के पीएम ने कहा कि भारत और सिंगापुर ने एनईटीएस और रुपे जैसे पेमेंट सिस्टम को लॉन्च किया है। इसकी वजह से अब भारतीय टूरिस्ट्स अपने रुपे कार्ड को चांगी एयरपोर्ट और सिंगापुर में मौजूद चुनिंदा ऑपरेटर्स के पास इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट्स के लिए प्रयोग कर सकते हैं।
क्या है शांगरी-ला डायलॉग
शांगरी-ला डायलॉग एक ट्रैक वन अंतर-सरकारी सिक्योरिटी फोरम है। इस समिट को हर वर्ष एक स्वतंत्र थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज यानी आईएआईएसएस की ओर से आयोजित किया जाता है। इस समिट में 28 एशिया-पैसेफिक देशों के रक्षा मंत्रियों, राष्ट्राध्यक्षों और सेना प्रमुख शामिल होते हैं। इस समिट को शांगरी-ला नाम शांगरी-ला होटल से मिला जहां पर साल 2002 में पहली बार इस समिट का आयोजन किया गया था। समिट में ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, म्यांमार, कंबोडिया, कनाडा, चिली, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, जापान, लाओस, मलेशिया, मंगोलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, चीन, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन , रूस, साउथ कोरिया, श्रीलंका, स्वीडन, थाइलैंड, ईस्ट तिमोर और विएतनाम के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।












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