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खुशखबरी! H1-B Visa पर अमेरिका में मुहर लगाने की सिफारिश मंजूर, बाइडेन लेंगे अंतिम फैसला

मेरिका द्वारा तकनीकी उद्योग में कई कुशल विदेशी कामगारों को दिए जाने वाले एच-1बी और अन्य कार्य वीजा प्राप्त करने वालों में भारतीयों की एक बड़ी हिस्सेदारी है।
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वाशिंगटन, 30 सितंबर : अमेरिका में भारत समेत हजारों विदेशी पेशेवरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। H1-B Visa पाने या उसके नवीनीकरण का इंतजार करने की उनकी समस्या अब शायद खत्म हो सकती है। खबर के मुताबिक एशियाई अमेरिकी और प्रशांत द्वीप वासियों पर राष्ट्रपति के एक आयोग ने अमेरिका में एच-1 वीजा पर मुहर लगाने की अनुशंसा सर्वसम्मति से पारित कर दी है। अब अगर राष्ट्रपति जो बाइडेन इसे मंजूर कर लेते हैं तो इससे हजारों पेशेवरों खासतौर पर भारतीयों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

अमेरिका में काम करने वालों के लिए राहत देने वाली खबर है

अमेरिका में काम करने वालों के लिए राहत देने वाली खबर है

बता दें कि, अमेरिका में नौकरी पाने, वहां रहने के लिए होड़ लगी रहती है। क्योंकि वहां काम करने वाले लोगों को अच्छा पैकेज मिलता है। अब बात करते हैं एच-1 बी वीजा की, इसके नवीनीकरण का इंतजार कर रहे बड़ी संख्या में लोग हमेशा अनिश्चितता का सामना करते रहते हैं। भारत की बात करें तो यहा उनके वीजा की अर्जियां लंबित रहती हैं और वहां मौजूदा समय में प्रतीक्षा का समय एक साल से अधिक है। इसको देखते हुए राष्ट्रपति के सलाहकार आयोग के सदस्य भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक जैन भुटोरिया ने एच-1बी वीजा पर मुहर की सिफारिश की थी।

एच-1बी वीजा पर मुहर लगाने के प्रावधान से संबंधित सिफारिश को मंजूरी

एच-1बी वीजा पर मुहर लगाने के प्रावधान से संबंधित सिफारिश को मंजूरी

इसके बाद एशियाई अमेरिकियों और प्रशांत द्वीप समूह पर राष्ट्रपति आयोग ने सर्वसम्मति से एच-1बी वीजा पर मुहर लगाने के प्रावधान से संबंधित सिफारिश को मंजूरी दे दी। अब इस सिफारिश को राष्ट्रपति बाइडेन के पास ले जाया जाएगा। अगर वे इस सिफारिश को मंजूर कर लेते हैं तो भारत समेत हजारों विदेशी पेशेवरों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। एशियाई अमेरिकी, हवाई मूल के लोगों और प्रशांत द्वीप वासी पर राष्ट्रपति के सलाहकार आयोग ने व्हाइट हाउस की एक बैठक में यह फैसला लिया। सिफारिश में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन आयोग को अमेरिका में वीजा के विस्तार और मुहर लगाने की अनुमति देने, दिशानिर्देश प्रदान करने के लिए अपनी नीति को अपडेट करना चाहिए।

जैन भुटोरिया ने कहा...

जैन भुटोरिया ने कहा...

जैन भुटोरिया ने बैठक में आयोग के सदस्यों से कहा, 'हमारी आव्रजन प्रक्रिया के अनुसार एच-1बी वीजा धारकों को यहां अमेरिका में रहने और हमारी अर्थव्यवस्था, नवोन्मेष तथा आर्थिक विकास में योगदान देने का मौका दिया जाता है। भुटोरिया ने कहा कि एच-1बी वीजा धारक समस्याओं का सामना करते हैं और कई बार उन्हें अपने परिवारों से अलग होने जैसे मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आगे बताया कि,ऐसी भी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं जब कई लोग जिनके माता-पिता आईसीयू में भर्ती होते हैं या गंभीर हालत में होते हैं या किसी के अभिभावक का निधन हो जाता है, लेकिन वे वापस नहीं जा पाते क्योंकि उन्हें डर होता है कि कहीं उनके देश में वीजा अर्जी अटकी न रह जाए।

भारत में अभी वीजा मिलने की प्रतीक्षा अवधि 844 दिन की

भारत में अभी वीजा मिलने की प्रतीक्षा अवधि 844 दिन की

भुटोरिया ने कहा, 'भारत में अभी वीजा मिलने की प्रतीक्षा अवधि 844 दिन की है। पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा कई अन्य देशों में भी ऐसे ही हालात हैं इसलिए उनके वीजा पर मुहर नहीं लग पाती और वे फंस जाते हैं। ऐसी स्थिति में वे संभावित तौर पर अपनी नौकरी गंवा देते हैं। लेकिन उनकी पत्नी और बच्चों का इसके बाद कौन भरण-पोषण करेगा। यहां कई लोग ऐसे भी हैं जिनकी वाइफ नौकरी नहीं करती हैं। वह अपने पति पर आश्रित होते हैं और ऐसे में उनकी हंसती-खेलती जिंदगी में कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो जाती हैं। जबकि उन्हें यहां कानूनी रूप से काम करने का पूरा मौका दिया जाता है।

 H-1B वीजा क्या है, क्यों है जरूरी?

H-1B वीजा क्या है, क्यों है जरूरी?

बता दें कि,अमेरिका द्वारा तकनीकी उद्योग में कई कुशल विदेशी कामगारों को दिए जाने वाले एच-1बी और अन्य कार्य वीजा प्राप्त करने वालों में भारतीयों की एक बड़ी हिस्सेदारी है। H-1B वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विशेष व्यवसायों में विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने की अनुमति देता है जिनके लिए सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को भर्ती करने के लिए इस पर निर्भर रहती हैं। मौजूदा प्रक्रिया के तहत किसी व्यक्ति को अमेरिकी कंपनी में नौकरी करने के लिए अपने देश में अमेरिकी वाणिज्यदूत या दूतावास में वीजा पर मुहर के लिए आवेदन करने की आवश्यकता होती है।

(Photo Credit: PTI & Twitter)

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English summary
Applying for visa stamp at a US Consulate or Embassy abroad for activation of H-1B status could soon be a thing of past after a presidential commission on Asian Americans and Pacific Islanders unanimously approved a recommendation for the provision of stamping of H-1B visas inside the US. If accepted by US President Joe Biden, the move will come a big relief to tens of thousands of foreign professionals, particularly from India.
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