Donald Trump के हस्ताक्षर से चलेगी पूरी दुनिया? 165 साल का इतिहास खत्म! डॉलर पर होंगे राष्ट्रपति ट्रंप के साइन
President Donald Trump Signature on US Dollar: आज ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव का 28वां दिन है। जंग के बीच अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था और इतिहास में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस साल के अंत में अमेरिकी डॉलर के नोटों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर जोड़े जाएंगे। अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार होगा जब किसी पद पर बैठे (सिटिंग) राष्ट्रपति का नाम देश की करेंसी पर दिखाई देगा।
ट्रेजरी विभाग (Treasury Department) के अनुसार, यह कदम संयुक्त राज्य अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ (Semiquincentennial) को मनाने के लिए उठाया जा रहा है।

165 साल पुरानी कौन सी परंपरा टूटने वाली है?
अमेरिका में नोटों के डिजाइन को तय करने का अधिकार ट्रेजरी सचिव के पास होता है, जो 1861 में अब्राहम लिंकन द्वारा हस्ताक्षरित कानून के समय से चला आ रहा है। साल 1914 से यह परंपरा रही है कि नोटों पर ट्रेजरी सचिव और अमेरिकी कोषाध्यक्ष (Treasurer) के हस्ताक्षर होते हैं। लेकिन अब नए बदलाव के तहत, कोषाध्यक्ष ब्रैंडन बीच के हस्ताक्षर की जगह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साइन होंगे। उनके हस्ताक्षर ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षरों के साथ दिखाई देंगे।
क्या सभी नोटों पर बदल जाएगा डिजाइन?
फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि क्या ट्रंप के हस्ताक्षर सभी मूल्यवर्ग (Denominations) के नोटों पर होंगे या सिर्फ कुछ खास नोटों पर। साथ ही, ट्रेजरी विभाग ने यह भी साफ नहीं किया है कि यह नया डिजाइन कितने समय तक चलन में रहेगा। हालांकि, कोषाध्यक्ष ब्रैंडन बीच ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि ट्रंप का नाम करेंसी पर होना पूरी तरह से उचित है क्योंकि वे अमेरिका के 'स्वर्ण युग' के आर्थिक पुनरुद्धार के वास्तुकार हैं।
यह फैसला ट्रंप द्वारा राष्ट्रीय संस्थानों पर अपनी व्यक्तिगत छाप छोड़ने का ताजा उदाहरण माना जा रहा है। इससे पहले भी वे ऐसे कदम उठा चुके हैं:
- आर्थिक स्टिमुलस चेक: अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने करोड़ों अमेरिकियों को भेजे गए महामारी सहायता चेक पर अपना नाम लिखवाया था।
- नए सिक्के: दोबारा सत्ता में आने के बाद से वे अपने चेहरे वाला 1 डॉलर का सिक्का और अपनी छवि वाला 24 कैरेट सोने का सिक्का बनाने पर जोर दे रहे हैं।
- संस्थानों के नाम: उन्होंने वाशिंगटन में 'जॉन एफ. केनेडी सेंटर' में अपना नाम जुड़वाया और उनके प्रशासन ने 'डलेस एयरपोर्ट' का नाम बदलकर उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया है।
इस फैसले को लेकर अमेरिका में तीखी बहस शुरू हो गई है। एक्सपर्ट का मानना है कि किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर को शामिल करना बेहद असामान्य है, हालांकि यह ज़रूरी नहीं कि यह गैर-कानूनी हो। ब्यूरो ऑफ़ एनग्रेविंग एंड प्रिंटिंग के पूर्व निदेशक लैरी फेलिक्स ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि, अमेरिकी डॉलर के नोटों पर ट्रंप के हस्ताक्षर जोड़ने का फ़ैसला, पुरानी परंपरा से हटकर एक 'असामान्य' कदम है उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे नोट संग्रहकर्ताओं के लिए काफ़ी कीमती साबित हो सकते हैं।












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