कनाडा के लिए नकारा हो चुके हैं जस्टिन ट्रूडो, अभी चुनाव हुए तो इज्जत बचानी होगी मुश्किल, सर्वे में खुलासा
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का जिम्मेदार भारत को ठहराने का दाव कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार पीएम ट्रूडो मतदाताओं के बीच अपनी लोकप्रियता खोते नजर आ रहे हैं।
कनाडा में 2025 में आम चुनाव होने हैं। इससे पहले हुए एक सर्वे में कंजर्वेटिव पार्टी और विपक्ष के नेता पियरे पोइलिवरे जनता की पहली पसंद बन गए हैं। वहीं, मौजूदा पीएम जस्टिन ट्रूडो बेहद पिछड़ते दिखाई दे रहे हैं।

इप्सोस (Ipsos) के एक सर्वेक्षण के मुताबिक 40 प्रतिशत कनाडाई की पसंद विपक्षी नेता पियरे पोइलिव्रे बन गए हैं। अधिकांश जनता कंजर्वेटिव पार्टी के नेता को पीएम बनते देखना चाहती है।
वहीं सिर्फ 31 फीसदी लोग जस्टिन ट्रूडो को फिर से प्रधानमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। पीएम ट्रूडो की सहयोगी पार्टी NDP के नेता जगमीत सिंह को 22 फीसदी लोग प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि यदि आज चुनाव होते हैं, तो कंजर्वेटिव पार्टी को 39 प्रतिशत वोट मिलेंगे। वहीं, 2015 में कनाडा में पीएम बनने वाले और लिबरल पार्टी का नेतृत्व करने वाले ट्रूडो की पार्टी को 30 प्रतिशत वोटों के साथ समझौता करना होगा।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि अगर इस समय चुनाव होते हैं तो कंजर्वेटिव पार्टी, ट्रूडो के नेतृत्व में अल्पमत में सरकार चला रही लिबरल पार्टी को हटाकर बहुमत वाली सरकार बनाएंगे। इससे पहले जुलाई में हुए एक अलग सर्वेक्षण में ट्रूडो को बीते 50 से अधिक वर्षों में सबसे खराब प्रधानमंत्री बताया गया था।
कनाडा के सीटीवी न्यूज के अनुसार दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा पीएम के पिता पियरे ट्रूडो, जो 1968 से 1979 और 1980 से 1984 तक प्रधानमंत्री रहे, कनाडाई मतदाताओं के बीच काफी लोकप्रिय थे।
Ipsos के सीईओ डैरेल ब्रिकर ने कहा कि यह एक बड़ा अंतर है। यह दर्शाता है कि अगर आज चुनाव हो जाएं तो कंजर्वेटिव पार्टी बहुमत वाली सरकार बना सकती है। उन्होंने कहा, 'आप अगर सर्वे को देखेंगे तो देश की दिशा के प्रति उनमें असंतोष है।'
ऐसे में नवीनतम सर्वेक्षण ट्रूडो के लिए एक चिंताजनक संकेत के रूप में सामने आए हैं, जिन पर खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ नरम और गैर-प्रतिबद्ध रुख अपनाने का आरोप है। फिलहाल पीएम ट्रूडो के नेतृत्व वाले उदारवादी पार्टी भारतीय मूल के विधायक जगमीत सिंह के नेतृत्व वाली न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के साथ सरकार चला रहे हैं। जगमीत सिंह को खालिस्तानी समर्थक माना जाता है।












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