Yasin Malik की बीवी का दोहरा चेहरा, कश्मीर पर हाय तौबा- PoK पर खामोश क्यों? चुप रहने का कितना लिया पैसा?
PoK Protest: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के लोग इन दिनों हिंसा, बवाल और पाकिस्तानी आर्मी का टॉर्चर झेल रहे हैं। वहां के लोग महंगाई, बिजली संकट, आटा जैसी जरूरी चीजों की कीमतों और बेहतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। लेकिन इन प्रदर्शनों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इसी बीच मानवाधिकारों की बात करने वाली मुशाल हुसैन मलिक की चुप्पी भी सवालों के घेरे में आ गई है।
कौन हैं मुशाल मलिक?
मुशाल हुसैन मलिक तिहाड़ जेल में बंद कश्मीरी अलगाववादी और वादी में आतंकवाद फैलाने वाले यासीन मलिक की पत्नी हैं। वह पाकिस्तान सरकार में प्रधानमंत्री की मानवाधिकार और महिला सशक्तिकरण मामलों की विशेष सलाहकार भी रह चुकी हैं। मुशाल मलिक अक्सर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत की आलोचना करती रही हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मानवाधिकारों की बात उठाती रही हैं।

लेकिन PoK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और वहां कथित तौर पर हो रहे दमन को लेकर उन्होंने अब तक कोई बड़ा सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। यही वजह है कि उनकी चुप्पी को लेकर बहस तेज हो गई है।
PoK में आखिर क्या हो रहा है?
रावलकोट समेत PoK के कई हिस्सों में लोग लंबे समय से आर्थिक समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें सस्ती बिजली, दो वक्त की रोटी और राजनीतिक स्तर पर ज्यादा प्रतिनिधित्व चाहिए।
रिपोर्टों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों को कंट्रोल करने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय लोगों पर हमले किए जिसमें 50 से ज्यादा लोगों की जान चली गई, जब कई लोगों के घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके अलावा इंटरनेट सेवाओं पर रोक, गिरफ्तारियां और आवाजाही पर प्रतिबंध जैसी शिकायतें भी स्थानीय लोगों की ओर से की गई हैं।
मानवाधिकारों पर मुशाल के डबल स्टैंडर्ड
मुशाल मलिक की चुप्पी को लेकर आलोचक सवाल उठा रहे हैं कि यदि मानवाधिकार हर जगह समान रूप से महत्वपूर्ण हैं, तो PoK के लोगों की समस्याओं और उन पर हुई कार्रवाई पर भी आवाज उठनी चाहिए। आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मानवाधिकारों की बात करता है, लेकिन जब PoK में लोग अपने अधिकारों की मांग करते हैं, तब उनकी शिकायतों को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ता। यही कारण है कि पाकिस्तान की नीतियों पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लग रहे हैं। अब PoK के लोग ही मुशाल से पूछने लगे हैं कि PoK में हो रही पाकिस्तान आर्मी की बर्बरता पर चुप रहना का आसिम मुनीर से कितना पैसा लिया है?
जेएएसी नेताओं ने पाकिस्तान पर लगाए आरोप
PoK में विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने भी पाकिस्तान प्रशासन की आलोचना की है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक और रणनीतिक फायदे के लिए करता है, जबकि स्थानीय लोगों की वास्तविक समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि बेरोजगारी, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं। उनका दावा है कि जनता की मांगें सुनने के बजाय प्रशासन सुरक्षा बलों का इस्तेमाल कर रहा है।
फिलहाल PoK की स्थिति पाकिस्तान के लिए एक नई चुनौती बन गई है। वहीं, मुशाल मलिक की चुप्पी और मानवाधिकारों पर उठ रहे सवाल आने वाले दिनों में इस बहस को और तेज कर सकते हैं।
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