Pok के प्रधानमंत्री सरदार तनवीर इलियास बर्खास्त, हाईकोर्ट ने अवमानना का दोषी पाया, जानें क्या है मामला?

पीओके में इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सरकार है, जिसे पाकिस्तान में आजाद कश्मीर कहा जाता है। पीओके के प्रधानमंत्री सिर्फ प्रतीकात्मक माने जाते हैं।

Sardar Tanveer Ilyas

Sardar Tanveer Ilyas: जियो न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को एक बड़ा झटका उस वक्त लगा है, जब पाकिस्तान प्रशासित जम्मू और कश्मीर (पीओके) उच्च न्यायालय ने मंगलवार को प्रधान मंत्री सरदार तनवीर इलियास को अदालत की अवमानना ​​के जुर्म में अयोग्य घोषित कर दिया।

हाईकोर्ट का ये फैसला उस वक्त आया है, जब पीओके के सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने एक साथ उनके खिलाफ धमकी भरे लहजे में एक भाषण देने के खिलाफ समन भेजा था।

अदालत ने इलियास को किसी भी सार्वजनिक कार्यालय को संभालने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। और पीओके के मुख्य चुनाव आयुक्त अब्दुल रशीद सुलेहरिया से नए प्रधानमंत्री के लिए चुनाव कराने को कहा है।

इससे पहले, पीएम इलियास उच्च न्यायालय के सामने पेश हुए थे, जहां पीटीआई सदस्यों ने उनका स्वागत किया था।

पीओके के प्रधानमंत्री बर्खास्त

पीओके हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सदाकत हुसैन राजा के नेतृत्व में एक पूर्ण पीठ ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान, प्रधानमंत्री के भाषण के भी क्लिप चलाए गये थे।

पीओके के पीएम इलियास ने अदालत से बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा, "अगर मेरे किसी शब्द से जज को ठेस पहुंची हो तो मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं।"

जिसके बाद हाईकोर्ट ने पीओके के प्रधानमंत्री को कोर्ट में खड़ा रहने का आदेश दिया।

आपको बता दें, कि पीओके उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ ने आज इलियास को एक जनसभा में उनके भाषण को लेकर अवमानना ​​नोटिस में तलब किया था।

आपको बता दें, कि मीडिया में उनके भाषण का क्लिप देखने के बाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया था और कोर्ट ने कहा, कि जजों ने बैठक के बाद समन भेजने का फैसला लिया और काफी विस्तार से इस मुद्दे पर चर्चा की और फिर पाया गया, कि प्रधानमंत्री का आचरण तिरस्कारपूर्ण था।

उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार को निर्देश दिया गया था, कि वो प्रधानमंत्री को उनके प्रमुख सचिव के माध्यम से आज अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी करें। रजिस्ट्रार ने मामले को फुल बेंच के समक्ष तय करने का भी निर्देश दिया था।

वहीं, पीटीआई के नेता फवाद चौधरी ने ट्वीट करते हुए कहा, कि 'कोर्ट के फैसले का हर किसी को सम्मान करनी चाहिए, चाहे वो आजाद कश्मीर के प्रधानमंत्री हों या पाकिस्तान के।' फवाद चौधरी का ये ट्वीट शहबाज शरीफ के खिलाफ निशाने के तौर पर देखा जा रहा है, जब उन्होंने पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के चुनाव कराने के फैसले को मानने से इनकार कर दिया है।

आपको बता दें, कि पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में एक समारोह के दौरान इलियास ने अप्रत्यक्ष रूप से न्यायपालिका पर उनकी सरकार के कामकाज को प्रभावित करने और स्थगन आदेशों के माध्यम से कार्यपालिका के क्षेत्र में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था।

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