'वैश्विक शांति और विकास के लिए ग्लोबल संस्थाओं में बदलाव आवश्यक', UN से पीएम मोदी का दुनिया को संदेश
PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में 'समिट ऑफ द फ्यूचर' को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार का आह्वान किया और सुधारों को "प्रासंगिकता की कुंजी" बताया। उन्होंने अफ्रीकी संघ को जी-20 में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने को इस दिशा में एक "महत्वपूर्ण कदम" भी बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूयॉर्क, अमेरिका में 79वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र को संबोधित किया। संयुक्त राष्ट्र में 'समिट ऑफ द फ्यूचर' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मानवता की सफलता हमारी सामूहिक शक्ति में निहित है, युद्ध के मैदान में नहीं। वैश्विक शांति एवं विकास के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार महत्वपूर्ण हैं। सुधार प्रासंगिकता की कुंजी है।"

UN से पीएम मोदी का दुनिया को संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद जैसा बड़ा खतरा है, वहीं दूसरी तरफ साइबर, मैरिटाइम, स्पेस जैसे संघर्ष के नए मैदान बन रहे हैं। इन सभी मुद्दों पर वैश्विक कार्रवाई वैश्विक महत्वाकांक्षा से मेल खानी चाहिए।
'मुझे तीसरी बार सेवा का अवसर दिया'
'समिट ऑफ द फ्यूचर' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जून में अभी-अभी मानव इतिहास के सबसे बड़े चुनाव में भारत के लोगों ने मुझे लगातार तीसरी बार सेवा का अवसर दिया है और मैं यहां मानवता के छठे हिस्से की आवाज आप तक पहुंचाने आया हूं। जब हम ग्लोबल फ्यूचर के बारे में बात कर रहे हैं, तो मानव-केंद्रित दृष्टिकोण सर्वप्रथम होनी चाहिए।
#WATCH | Speaking at the 79th UN General Assembly session, PM Modi says, "Success of humanity lies in our collective strength, not in the battlefield. For global peace and development, reforms in global institutions are important. Reform is the key to relevance." pic.twitter.com/UoXtPVGArN
— ANI (@ANI) September 23, 2024
250 मिलियन लोगों को गरीबी से निकालकर दिखाया-मोदी
उन्होंने कहा कि सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए, हमें मानव कल्याण, भोजन, स्वास्थ्य सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी। हमने भारत में 250 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर दिखाया है कि सतत विकास सफल हो सकता है। हम सफलता के इस अनुभव को ग्लोबल साउथ के साथ साझा करने के लिए तैयार हैं।
'ऐसे वैश्विक डिजिटल शासन की आवश्यकता...'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "प्रौद्योगिकी के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए संतुलित विनियमन की आवश्यकता है। हमें ऐसे वैश्विक डिजिटल शासन की आवश्यकता है जिसमें राष्ट्रीय संप्रभुता और अखंडता अक्षुण्य रहे। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक पुल होनी चाहिए न कि बाधा।"
पीएम मोदी ने कहा, "भारत के लिए 'वन अर्थ', 'वन फैमिली' और 'वन फ्यूचर' एक प्रतिबद्धता है। यही प्रतिबद्धता हमारे 'वन अर्थ', 'वन हेल्थ' और 'वन सन', 'वन वर्ल्ड', 'वन ग्रिड' जैसे पहल में भी देखाई देता है।"












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