पीएम मोदी, शी जिनपिंग और इमरान खान पहली बार होंगे आमने-सामने, SCO बैठक के लिए भारत का एजेंडा तय
ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन की अध्यक्षता में एससीओ काउंसिल ऑफ स्टेट्स ऑफ स्टेट्स की 21 वीं बैठक पहली बार वर्चुअली आयोजित की जा रही है। यह चौथा शिखर सम्मेलन है जिसमें भारत पूर्ण सदस्य के रूप में भाग लेगा।
नई दिल्ली, सितंबर 16: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की 21वीं बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और वीडियो लिंक के जरिए राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हो रहे हैं। हालांकि, भारतीय पीएम नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जबकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ताजिकिस्तान पहुंच चुके हैं।

एससीओ शिखर सम्मेलन
इस बार का शंघाई सहयोग संगठन की बैठक ताजिकिस्तान में की जा रही है, जिसमें भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर शुक्रवार को भारत का प्रतिनिधित्ल करेंगे, जबकि पीएम मोदी ऑनलाइन इस शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। ये चौथी बार है, जब स्थायी सदस्य के तौर पर भारत इस सम्मेलन में शामिल हो रहा है। ये बैठक इस साल इसलिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण क्योंकि, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद पहली बार इसमें तमाम वो देश भाग ले रहे हैं, जिनका हित अफगानिस्तान से जुड़ा हुआ है। एससीओ शिखर सम्मेलन में संगठन के सदस्य राज्यों के नेता, पर्यवेक्षक राज्यों, एससीओ के महासचिव, एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (आरएटीएस) के कार्यकारी-निदेशक, तुर्कमेनिस्तान के अध्यक्ष और अन्य आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे। जयशंकर उसी दिन रूस के नेतृत्व वाले सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) की अफगानिस्तान पर एक बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी तैयार हैं।

कल पीएम मोदी का संबोधन
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एससीओ की बैठक के दौरान ऐसी संभावना है कि भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी सीधे तौर पर तालिबान का नाम तो नहीं लेंगे, लेकिन वो पाकिस्तान पर जोरदार हमला बोलने वाले हैं। वहीं, पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से सांठगांठ को वैश्विक सुरक्षा पर खतरा बता सकते हैं। वहीं, इस बात की पूरी संभावना है कि पंजशीर में पाकिस्तानी एयरफोर्स ने जो बमबारी की है, उसका मुद्दा भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उठा सकते हैं। आपको बता दें कि एससीओ की बैठक में भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान और रूस भी शामिल होगा और उससे पहले रूसी खुफिया विभाग के प्रमुख भारत के दौरे पर आए थे और पीएम मोदी से मुलाकात की थी। रूस के साथ साथ ब्रिटेन और अमेरिका के खुफिया विभागों के प्रमुखों ने भी भारतीय एनएसए अजीत डोवाल से मुलाकात की थी और अफगानिस्तान के मुद्दे पर अहम बातचीत की गई थी।

ताजिकिस्तान में होगी बैठक
ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन की अध्यक्षता में एससीओ काउंसिल ऑफ स्टेट्स ऑफ स्टेट्स की 21 वीं बैठक पहली बार वर्चुअली आयोजित की जा रही है। यह चौथा शिखर सम्मेलन है जिसमें भारत एससीओ के पूर्ण सदस्य के रूप में भाग लेगा। एससीओ की बैठक में चीनी विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी दुशांबे में होंगे। हालांकि भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर उनसे मिलेंगे या नहीं, इस पर कोई खबर नहीं है। दुशांबे में एससीओ की बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एससीओ इस वर्ष अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। उम्मीद की जा रही है कि उसके नेता पिछले दो दशकों में एससीओ की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। पिछले महीने भारत के केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू ने एससीओ के 8वें कानून मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में भ्रष्टाचार और काले धन को लेकर भारत के जीरो टॉलरेंस अप देश का नजरिया रखा था। एससीओ शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान शामिल हैं।












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