कल SCO की बैठक को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, निशाने पर होगा तालिबान और पाकिस्तान
कल दुशांबे में होने वाली एससीओ की बैठक को पीएम मोदी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी तालिबान और पाकिस्तान को घेर सकते हैं।
नई दिल्ली, सितंबर 15: कल भारत एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) की बैठक में शामिल होगा, जिसमें माना जा रहा है कि पीएम मोदी अफगानिस्तान में आतंकियों का साथ देने के लिए पाकिस्तान को बेनकाब कर सकते हैं। ये बैठक 16 और 17 सितंबर को की जाएगी। जिसमें साफ तौर पर आतंकियों का साथ देने के लिए पीएम मोदी पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराएंगे।

कल होगी एससीओ की बैठक
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एससीओ की बैठक के दौरान ऐसी संभावना है कि भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी सीधे तौर पर तालिबान का नाम तो नहीं लेंगे, लेकिन वो पाकिस्तान पर जोरदार हमला बोलने वाले हैं। वहीं, पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से सांठगांठ को वैश्विक सुरक्षा पर खतरा बता सकते हैं। वहीं, इस बात की पूरी संभावना है कि पंजशीर में पाकिस्तानी एयरफोर्स ने जो बमबारी की है, उसका मुद्दा भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उठा सकते हैं। आपको बता दें कि एससीओ की बैठक में भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान और रूस भी शामिल होगा और उससे पहले रूसी खुफिया विभाग के प्रमुख भारत के दौरे पर आए थे और पीएम मोदी से मुलाकात की थी। रूस के साथ साथ ब्रिटेन और अमेरिका के खुफिया विभागों के प्रमुखों ने भी भारतीय एनएसए अजीत डोवाल से मुलाकात की थी और अफगानिस्तान के मुद्दे पर अहम बातचीत की गई थी।

ताजिकिस्तान में होगी बैठक
इस बीच, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ताजिकिस्तान की राजधानी में शिखर सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन की अध्यक्षता में एससीओ काउंसिल ऑफ स्टेट्स ऑफ स्टेट्स की 21 वीं बैठक पहली बार वर्चुअली आयोजित की जा रही है। यह चौथा शिखर सम्मेलन है जिसमें भारत एससीओ के पूर्ण सदस्य के रूप में भाग लेगा। शिखर सम्मेलन में एससीओ सदस्य देशों के नेता, पर्यवेक्षक, एससीओ के महासचिव, एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (आरएटीएस) के कार्यकारी निदेशक के साथ-साथ तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति भी शामिल होंगे। वहीं, एससीओ की मीटिंग के बीच इस बात की भी उम्मीद है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ईरान, ताजिकिस्तान और रूस के अपने समकक्षों के साथ अलग अलग बैठक कर सकते हैं। इस दौरान अफगानिस्तान में उभरती स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव पर चर्चा होने की संभावना है।

चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्री होंगे शामिल
एससीओ की बैठक में चीनी विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी दुशांबे में होंगे। हालांकि भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर उनसे मिलेंगे या नहीं, इस पर कोई खबर नहीं है। दुशांबे में एससीओ की बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एससीओ इस वर्ष अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। उम्मीद की जा रही है कि उसके नेता पिछले दो दशकों में एससीओ की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। पिछले महीने केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू ने एससीओ के 8वें न्याय मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में भ्रष्टाचार और काले धन को लेकर भारत के जीरो टॉलरेंस अप देश का नजरिया रखा था। एससीओ शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान शामिल हैं।












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