पीएम मोदी ने जेलेंस्की से बात की, यूक्रेन के एटमी ठिकानों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि किसी भी शांति प्रयासों में योगदान करने के लिए भारत तत्परता रहेगा।
नई दिल्ली, 04 अक्टूबरः यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग के सात महीने से अधिक वक्त हो चुका है लेकिन यह लड़ाई है कि खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से फोन पर बात की। इस दौरान दोनों ने यूक्रेन के दक्षिणी क्षेत्र में हो रहे संघर्ष पर चर्चा की। पीएम मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से वार्ता और कूटनीति के जरिए जंग का रास्ता निकालने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता है। पीएमओ ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

शांतिप्रयासों में योगदान के लिए भारत तत्पर
पीएम मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि किसी भी शांति प्रयासों में योगदान करने के लिए भारत तत्पर रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेलेंस्की से टेलीफोन पर बातचीत में संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और सभी राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के महत्व को भी दोहराया। पीएमओ ने कहा कि जेलेंस्की से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत, यूक्रेन सहित परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को महत्व देता है। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु सुविधाओं के खतरे में सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए दूरगामी और विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।

मार्च महीने में भी पीएम मोदी की हुई थी बात
दोनों नेताओं ने नवंबर 2021 में ग्लासगो में अपनी पिछली बैठक के बाद द्विपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी याद किया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च महीने में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से फोन पर बात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच 35 मिनट बात हुई थी। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन से भारतीयों को सही सलामत निकालने के लिए जेलेंस्की का आभार व्यक्त किया था। साथ ही, पीएम ने रूस से जारी युद्ध को लेकर भी जेलेंस्की से चर्चा की थी।

यूक्रेन के चार क्षेत्रों का रूस में विलय
गौरतलब है कि हाल ही में रूस ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों लुहांस्क, डोनेस्क, जपोरीजिया और खेरसान पर कब्जे के बाद रूस ने जनमत संग्रह कराया है और इन क्षेत्रों को मिलाने की घोषणा की थी। इन प्रांतों को रूस में मिलाने के बाद अब रूसी राष्ट्रपति इन्हें कानूनी तौर पर मान्यता दिलाने में भी जुट गए हैं। सोमवार को रूसी संसद के निचले सदन में विलय से जुड़ी संधियों की पुष्टि के बाद उच्च सदन ने भी इन संधियों को अनुमोदित कर दिया है।

यूक्रेन ने अब दक्षिणी क्षेत्र में रूसी सेना को पीछे धकेला
वहीं, यूक्रेन के दक्षिणी क्षेत्र में यूक्रेनी सेना के लगातार आगे बढ़ने की जानकारी मिल रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेनी सेना ने डेनिप्रो नदी के किनारे पर फिर से कब्जा कर लिया है। इसके कारण हजारों रूसी सैनिक उसके घेरे में आ गए हैं। यूक्रेन ने अभी तक अपनी बढ़त की पुष्टि नहीं की है लेकिन रूसी अधिकारियों ने यूक्रेनी टैंकों के हमले में पीछे हटने की बात स्वीकार किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस के कब्जे में गई प्रत्येक इंच जमीन को वापस लेने तक लड़ाई जारी रहेगी।












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