PM Modi Israel Speech: 'हम न 26/11 भूले-न 7/10, मेरा जन्म इजरायल की मान्यता के दिन हुआ'- 10 बड़ी बातें
PM Modi Israel Speech Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइली संसद (नेसेट) को संबोधित किया। यह किसी भारतीय पीएम द्वारा पहली बार हुआ। सदन में पहुंचते ही सांसदों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और 'मोदी, मोदी' के जोरदार नारे लगाए। मोदी ने 1.4 अरब भारतीयों की ओर से 'मित्रता, सम्मान और साझेदारी' का संदेश दिया।
उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की कड़ी निंदा की, भारत की आतंकवाद विरोधी नीति पर जोर दिया और दोनों देशों के गहरे रिश्तों को रेखांकित किया। नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने उन्हें स्पीकर मेडल से सम्मानित किया-यह किसी भारतीय पीएम को पहली बार मिला।

यहां हैं मोदी के संबोधन की 10 सबसे बड़ी बातें (लाइव अपडेट्स और रिपोर्ट्स के आधार पर):-
- 1. जन्मदिन का खास कनेक्शन: मोदी ने कहा, 'मैं उसी दिन पैदा हुआ था जिस दिन भारत ने इजराइल को औपचारिक रूप से मान्यता दी थी-17 सितंबर 1950। मैं इस भूमि पर लौटकर बहुत खुश हूं, जहां से मुझे हमेशा आकर्षण महसूस होता रहा है।'
- 2. 7 अक्टूबर हमले की बर्बर निंदा: '7 अक्टूबर को हमास द्वारा किया गया बर्बर आतंकवादी हमला' बताते हुए मोदी ने मारे गए लोगों और प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई। कहा, 'हम आपके दर्द को महसूस करते हैं, आपके शोक में साथ हैं। भारत इस समय और भविष्य में भी पूरी दृढ़ता से इजराइल के साथ खड़ा है।'
- 3. 26/11 और आतंकवाद का दर्द साझा: 'हम न 26/11 मुंबई हमलों को भूले हैं, न 7/10 (7 अक्टूबर) को। भारत लंबे समय से आतंकवाद का दर्द सहता आया है।' उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ 'शून्य सहिष्णुता' की अडिग नीति अपनाते हैं-कोई दोहरा मापदंड नहीं।
- 4. आतंकवाद को कभी जायज नहीं: 'कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को उचित नहीं ठहरा सकता। आतंकवाद को किसी भी चीज से जायज नहीं ठहराया जा सकता।' मोदी ने जोर दिया कि 'कहीं भी आतंकवाद हर जगह शांति के लिए खतरा है'-इसके खिलाफ निरंतर वैश्विक कार्रवाई जरूरी।
- 5. रक्षा साझेदारी का महत्व: 'आज की अनिश्चित दुनिया में भारत और इजराइल जैसे भरोसेमंद साझेदारों के बीच रक्षा संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं।' दोनों देशों के बीच संबंधों में 'पैमाने और दायरे' दोनों में विस्तार हुआ है-AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, इनोवेशन में सहयोग बढ़ रहा है।
- 6. गाजा शांति पहल का समर्थन: मोदी ने गाजा संघर्ष समाप्त करने की UN सुरक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित योजना के लिए भारत का 'मजबूत समर्थन' दोहराया। कहा, 'गाजा शांति पहल एक मार्ग प्रस्तुत करती है-इसमें क्षेत्र के सभी लोगों के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का वादा है। शांति का रास्ता आसान नहीं, लेकिन भारत संवाद, शांति और स्थिरता के लिए इजराइल और दुनिया के साथ खड़ा है।'
- 7. यहूदी समुदाय का ऐतिहासिक समर्थन: 'यहूदी समुदाय वर्षों से भारत में बिना किसी भेदभाव या उत्पीड़न के डर के रहता आया है।' मोदी ने 2000 साल पुराने संबंधों का जिक्र किया-भारत में यहूदियों का सम्मान हमेशा रहा।
- 8. योग और आयुर्वेद की सराहना: इजराइल में योग और आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता पर खुशी जताई। कहा, '2006 में जब मैं पहली बार आया था, तब कुछ ही योग केंद्र थे-अब स्थिति बदल गई।' युवा इजराइलियों को भारत आने का न्योता दिया-'हमारे समाज की जीवंतता देखें, समग्र स्वास्थ्य का अनुभव करें।'
- 9. मित्रता का मजबूत संदेश: भाषण की शुरुआत में इजराइल को धन्यवाद दिया-'यह विशेषाधिकार और सम्मान है कि मुझे नेसेट संबोधित करने का मौका मिला।' 1.4 अरब भारतीयों की शुभकामनाएं और 'मित्रता, सम्मान, साझेदारी' का संदेश लेकर आए।
- 10. सम्मान और स्वागत: नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने मोदी को स्पीकर मेडल से सम्मानित किया। सदन में खड़े होकर तालियां और जयकारे-यह भारत-इजराइल के मजबूत लोकतांत्रिक और रणनीतिक बंधन का प्रतीक।
यह संबोधन भारत-इजराइल रिश्तों की नई ऊंचाई दर्शाता है-आतंकवाद विरोध, रक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और शांति प्रयासों में साझेदारी। मोदी की यात्रा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक है।












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