फिजी ने भारतीय प्रधानमंत्री को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा, मोदी को मिला 'द कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी' सम्मान
प्रधान मंत्री मोदी ने पापुआ न्यू गिनी के प्रधान मंत्री जेम्स मारपे के साथ तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग (FIPIC) शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की, जिसमें प्रशांत क्षेत्र के 14 प्रशांत द्वीप देश (PIC) इस शिखर सम्मेलन

PM Modi gets highest honour of Fiji: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जो अभी पापुआ न्यू गिनी के दौरे पर हैं, वहां उन्हें फिजी का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिजी गणराज्य के प्रधानमंत्री सित्विनी राबुका ने फिजी के सर्वोच्च सम्मान, 'द कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी' से सम्मानित किया गया है। भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।
'द कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी' सम्मान उसी तरह का महत्व रखता है, जैसा महत्व भारत रत्न का है।
फिजी ने पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा
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पीएम मोदी ने कहा, कि वह अपने फिजी समकक्ष से मिलकर "खुश" हैं और उन्होंने कहा, कि भारत और फिजी के बीच संबंध, समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, कि "हम आने वाले वर्षों में इसे और मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करते हैं।"
आपको बता दें, कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इससे पहले साल 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद फिजी की यात्रा कर चुके हैं और पीएम मोदी से पहले साल 1981 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी फिजी की यात्रा कर चुकी हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवंबर 2014 में जब फिजी की यात्रा की थी, उस वक्त उन्होंने भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग (FIPIC) फोरम का शुभारंभ किया गया था, जिसका आज तीसरा शिखर सम्मेलन हुआ है।
इसके सदस्य देशों में भारत के अलावा, 14 प्रशांत द्वीप के देश हैं, जिनके नाम हैं, फिजी, कुक आइलैंड्स, किरिबाती, मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, नाउरू, नीयू, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, समोआ, सोलोमन आइलैंड्स, टोंगा, तुवालु और वानुआतु।
भारत के साथ प्रशांत द्वीप देशों के व्यापार में कमी की सबसे बड़ी वजह उनकी छोटी आबादी, उनका छोटा आकार और भारत के साथ उनकी काफी ज्यादा दूरी है। हालांकि, भारत सरकार ने व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं और प्रशांत द्वीप फोरम के तहत व्यापारिक कार्यालयों की स्थापना की है।
आपको बता दें, फिजी एकमात्र ऐसा देश है, जिसकी राजभाषा हिंदी है। इसकी सबसे बड़ी वजह वहां रहने वाले भारतीय मूल के लोग हैं। फिजी में भारी संख्या में गिरमिटिया रहते हैं, जिन्हें अंग्रेजों के शासनकाल में फिजी भेज दिया गया।












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