पाक सेना के सामने नहीं चली PM इमरान खान की, नदीम अंजुम बने ISI चीफ
इस्लामाबाद, 26 अक्टूबर: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम को इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के नए प्रमुख के रूप में नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। वह अगले महीने से मौजूदा लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद की जगह लेंगे। नदीम अंजुम को चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ कमर जावेद बाजवा का करीबी बताया जाता है, लेकिन वह इमरान खान की पसंद नहीं है।

इमरान सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि, प्रधानमंत्री ने 20 नवंबर 2021 से लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम की महानिदेशक इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति को लेकर पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच 20 दिनों से रार ठना हुआ था और अंततः इस रार में सेना द्वारा चुने गए अधिकारी पर पीएम ऑफिस ने अपनी मुहर लगा दी है।
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आईएसआई प्रमुख का पद पाकिस्तानी सेना में सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक माना जाता है। रक्षा और विदेश मामले में आईएसआई चीफ की भूमिका काफी अहम होती है। पाकिस्तानी सेना ने देश के करीब 73 साल के इतिहास में आधे से अधिक समय तक शासन किया है। यही नहीं इस पद पर बैठा व्यक्ति राजनीतिक लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। नए आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम पाकिस्तानी सेना की पंजाब रेजिमेंट से हैं। नदीम को युद्ध का काफी अनुभव है।
लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम पहले कराची कोर के कमांडर थे। उन्हें सितंबर 2019 में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया था। पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी के 78वें लॉन्ग कोर्स और पंजाब रेजिमेंट से आने वाले लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम ने कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, क्वेटा के कमांडेंट के रूप में भी काम किया है। अंजुम आईएसआई की कमान संभालने से पहले बलूचिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स (उत्तर) के महानिरीक्षक रह चुके हैं और बलूचिस्तान में उनकी अगुवाई में कई सफल आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए गए हैं।
आईएसआई के पूर्व चीफ रहे फैज हमीद को 16 जून, 2019 को एजेंसी का प्रमुख नियुक्त किया गया था। उससे पहले उन्होंने आईएसआई में आंतरिक सुरक्षा के प्रमुख के रूप में काम किया था। हमीद को सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा का करीबी माना जाता है और उन्हें ऐसे महत्वपूर्ण समय में आईएसआई प्रमुख नियुक्त किया गया था जब कई बाहरी और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां थीं। उन्होंने सितंबर में काबुल का दौरा किया था। जिसके बाद से बाजवा औऱ फैद हमीद के बीच के रिश्ते गड़बड़ा गए थे।












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