ब्रिटिश PM का खुलासा: डॉक्टरों ने कर ली थी कोरोना से मेरी मौत के ऐलान की तैयारी
लंदन। पिछले महीने कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अब पूरी तरह ठीक हो गए हैं। पहली बार उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में ब्रिटिश अखबार द सन से खुलकर बातचीत की। जॉनसन ने रविवार को यह खुलासा किया कि पिछले महीने यहां के एक अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण के उनके उनके इलाज के दौरान चीजें हाथ से निकल जाने और उनकी मौत होने की स्थिति में ''आकस्मिक योजना'' तैयार कर रखी गई थी। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में उनकी हालत बेहद नाजुक थी और डॉक्टरों ने उनकी मौत के ऐलान की पूरी तैयारी भी कर ली थी।

मुझे काफी मात्रा में ऑक्सीजन दी गई
जॉनसान ने बताया, 'अस्पताल में कई लीटर ऑक्सीजन दिया जा रहा था। लेकिन आईसीयू में मेरी तबीयत बेहतर नहीं हो रही थी। लिहाजा डॉक्टरों को मजबूरन उनकी मौत के बारे में घोषणा करने की तैयारी करनी पड़ी थी। वो काफी कठिन समय था. मैं इस बात से इनकार नहीं कर सकता। मेरी हालत ठीक नहीं थी, लेकिन मुझे पता था कि आकस्मिक योजनाएं बनाई जा रही हैं। डॉक्टरों के पास सभी तरह के इंतजाम थे कि अगर कुछ गलत हुआ तो क्या करना चाहिए।'

जान बचाने वाले डॉक्टर के नाम पर रखा बेटे का नाम
देश में शनिवार तक कोविड-19 से 28,000 से अधिक लोगों की मौत होने के बीच जॉनसन ने कहा, ‘‘यदि चीजें हाथ से निकल जाती हैं तो उस स्थिति से निपटने के लिये चिकित्सकों ने हर इंतजाम कर रखे थे। उन्होंने मुझे एक फेस मास्क दिया था ताकि मैं ढेर सारी ऑक्सीजन ले सकूं और मैंने लंबे समय तक यह किया।'' उनका यह साक्षात्कार उनकी मंगेतर केरी साइमंड्स द्वारा उनके नवजात शिशु की तस्वीर साझा करने के एक दिन बाद आया है। उनके बेटे का नाम विलफ्रेड लावरी निकोलस जॉनसन रखा गया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री की जान बचाने वाले दो चिकित्सकों के सम्मान में नाम में निकोलस जोड़ा गया है।

कुछ ही दिनों में मेरा स्वास्थ्य बेहद बिगड़ने लगा था
जॉनसन ने स्वीकार किया कि कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद वह सचमुच में अस्पताल नहीं जाना चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह कोई अच्छा कदम नहीं लग रहा था लेकिन वे लोग हठ कर रहे थे। जब उस वक्त को सोचता हूं तो यह महसूस होता है कि मुझे (अस्पताल) जाने के लिये मजबूर करने में वे सही थे।'' उन्होंने डाउनिंग स्ट्रीट से दिये भावुक साक्षात्कार में कहा, ‘‘यह यकीन करना मुश्किल है कि कुछ ही दिनों में मेरा स्वास्थ्य इस कदर बिगड़ गया था। मैं परेशान महसूस करने लगा था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि मैं ठीक क्यों नहीं हो रहा हूं।'' ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन बुरा दौर उस वक्त आया जब यह 50:50 का मामला बन गया कि क्या वे लोग मेरी श्वास नली में ट्यूब डालने जा रहे हैं। '' आईसीयू में बिताये उस वक्त को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कंप्यूटरीकृत उपकरणों में लगे संकेतक गलत दिशा में जा रहे थे और मुझे लगा, ‘इस चीज के लिये कोई दवा और इलाज नहीं है।' उस वक्त मैं सोच रहा था, ‘मैं इसे कैसे बाहर निकलूंगा'। '' जॉनसन ने कहा कि वह इससे पहले भी कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं, आमतौर पर रग्बी खेलने के दौरान लगी चोटों के कारण, लेकिन इस जैसा कुछ नहीं था।












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