कुरान जलाने पर बांग्लादेश में बवाल, सड़कों पर हजारों मुस्लिमों ने मचाया उत्पात, 14 पुलिसकर्मी घायल
स्वीडन और डेनमार्क में कुरान जलाने के मामले से मचे हंगामे के बीच इस्लामिक देश बांग्लादेश में भी कुरान जलाने की एक घटना सामने आई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 6-7 अगस्त की रात दो लोगों ने मिलकर कुरान की दर्जनों प्रतियों को आग के हवाले कर दिया।
इस घटना के विरोध में कम से दस हजार लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने दोनों आरोपियों पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हुई झड़प में कम से कम 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

एएफपी ने पुलिस अधिकारी अजबहार अली शेख के हवाले से कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में कम से कम 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। हालांकि अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि इस झड़प में कितने प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
एएफपी के अनुसार, रविवार से सोमवार तक रात भर विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान कुरान जलाने के दोनों आरोपी लोगों की जमकर पिटाई की गई। पुलिस ने कहा कि उन्होंने 'कम से कम 10,000 लोगों' की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
रिपोर्ट के मुताबिक कुरान जलाने की ये घटना बांग्लादेश के सिलहट शहर में हुई है। सिलहट को बांग्लादेश के सबसे रुढ़िवादी इलाके में से एक माना जाता है। पुलिस ने नुरुर रहमान नाम के एक स्कूल प्रिंसिपल और उसके सहयोगी महबूब आलम को दोषियों के रूप में पहचाना है। इन दोनों लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कुरान की दर्जनों प्रतियों को इसलिए जला दिया क्योंकि वो पुरानी थीं और उनमें छपाई की कुछ गलतियां थीं। पुलिस ने उनके पास से क्षतिग्रस्त कुरान की कम से कम 45 प्रतियां भी जब्त की हैं।
मुस्लिम विद्वानों के अनुसार, कुरान को तभी सम्मानपूर्वक नष्ट किया जाना चाहिए जब लगे कि अब उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।












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