‘मैं नहीं हूं मुसलमान’, मुस्लिम होकर पंजाबी सिंगर मूसेवाला को श्रद्धांजलि क्यों? भड़की पाकिस्तानी सिंगर
भारतीय सिंगर सिद्धू मूसेवाला की मौत पर श्रद्धांजलि देने वालीं पाकिस्तानी गायिका शाए गिल की पाकिस्तान में जमकर निंदा की जा रही है और लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं...
इस्लामाबाद, जून 01: पाकिस्तानी समाज में सांप्रदायिक का जहर और अंदर तक पैबस्त हो रहा है और स्थिति अब यहां तक पहुंच गई है, कि लोग किस की मौत पर श्रद्धांजलि देने वालों पर भी सवाल उठाने लगे हैं और पूछने लगे हैं, कि भला एक मुसलमान, किसी गैर मुस्लिम को श्रद्धांजलि कैसे दे सकता है। पाकिस्तान में ये विवाद भारतीय गायक सिद्धू मूसेवाला की मौत के बाद पाकिस्तानी गायक शाह गिल द्वारा दी गई श्रद्धांजलि के बाद शुरू हो गई है।

मुस्लिम होकर श्रद्धांजलि क्यों?
भारतीय सिंगर सिद्धू मूसेवाला की मौत पर श्रद्धांजलि देने वालीं पाकिस्तानी गायिका शाए गिल की पाकिस्तान में जमकर निंदा की जा रही है और लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, कि वो एक मुस्लिम होकर किसी गैर मुस्लिम के लिए दुआ क्यों मांग रहा है। पाकिस्तान में सिंगर शाए गिल को जमकर ट्रोल किया जा रहा है और मजहबी पागलों की जमात उनके ऊपर तरह तरह के आरोप लगा रही है, ऐस में ऑनलाइन ट्रोलर्स पर पलटवार करते हुए सिंगर शाए गिल ने कहा है कि, वो किसी को भी दुआ दे सकती हैं और किसी के लिए भी प्रार्थना कर सकती हैं, क्योंकि वो मुसलमान नहीं हैं और उनका मुसलमानों से कोई वास्ता नहीं है।

‘मैं किसी के लिए भी कर सकती हूं प्रार्थना’
पाकिस्तानी सिंगर शाए गिल ने कहा कि, वो एक ईसाई परिवार से हैं और ईसाई परवार में ही उनका पालन-पोषण हुआ है, इसीलिए वो 'विभिन्न धर्मों के लोगों के लिए प्रार्थना' कर सकती हैं। कोक स्टूडियो सीजन 14 के गीत 'पसूरी' में प्रदर्शित होने के बाद इस साल की शुरुआत में प्रसिद्धि पाने वाले शाए गिल ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में मूसा वाला की दुखद हत्या के बाद अपना दुख व्यक्त किया था। शाए गिल ने लिखा था, कि 'दिल टूट गया। उनकी आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार और दोस्तों को इस नुकसान को सहन करने की शक्ति मिले'। हालांकि, गैर-मुस्लिम के लिए "दुआ मांगने" के लिए शाए गिल की आलोचना की जाने लगी और पाकिस्तानी ट्रोलर्स कहने लगे, कि मुसलमानों को गैस मुस्लिमों के लिए दुआ नहीं मांगना चाहिए।

शाए ने पोस्ट किए स्क्रीन शॉट्स
अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में ऐसे ट्रोलर्स के स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए पाकिस्तानी गायिका गिल ने कहा कि, 'मुझे इस तरह के बहुत सारे संदेश मिल रहे हैं। बस सभी को सूचित करना चाहती थी कि मैं मुस्लिम नहीं हूं। मैं एक ईसाई हूं और एक ईसाई परिवार से हूं। जहां लोग विभिन्न धर्मों के लोगों के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।" इसके बाद गायिका शाए गिल ने लोगों के कई स्क्रीनशॉट शेयर किए, जिसमें उन्हें काफी भला-बुरा कहा गया था। उन्होंने ऑनलाइन ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा कि, 'यदि आप मुझे इस तरह के मैसेज भेजते हैं, तो मैं आपको ब्लॉक कर दूंगी'।

गायिका के सपोर्ट में भी उतरे लोग
हालांकि, कुछ ऐसे भी लोग थे, जो पाकिस्तानी सिंगर शाए गिल के समर्थन में उतरे और उन्होंने इस तरह की मानसिकता के लिए पाकिस्तान के भविष्य पर चिंता जताई। पाकिस्तान के कई लोगों ने कहा है कि, मानवता के नाते किसी के भी दुख में शामिल होने का हक हर किसी को है और कुछ पाकिस्तानी जो कर रहे हैं, वो बताता है, कि हमारे देश का भविष्य किस तरह जा रहा है। हालांकि, गायिका शाए गिल ने ये भी कहा कि, 'ईमानदारी से कहूं, तो मैं सार्वजनित तौर पर ऐसा नहीं करती, लेकिन मैं अपने स्टैंड पर कायम हूं और आप इसकी शिकायत पुलिस से कर सकते हैं।' आपको बता दें कि, शुभदीप सिंह सिद्धू, जिन्हें सिद्धू मूसे वाला के नाम से जाना जाता था, उनकी अज्ञात हमलावरों ने 29 मई को उनके पैतृक गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी।

सहवाग ने दी श्रद्धांजलि
मूसेवाला घर का इकलौता बेटा था, जो माता-पिता ने खो दिया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग भी इस दुखद पल को देखकर भावुक हो उठे। सहवाग ने ट्वीट करते हुए दो तस्वीरें साझा की, जिसमें गायक की माता बेटे के पार्थिव शरीर को देख आंसू बहा रही है। तो दूसरी तरफ जब बेटे को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था तो पिता सबके सामने पगड़ी उतारते हुए रोते-बिलखते नजर आए। यह पल बेहद तोड़ देने वाला था। हजारों फैंस मौजूद रहे जो आंसू नहीं रोक सके। एक मां-पिता ने 28 साल का जवान बेटा खोया, जिसका दर्द सभी को है। वहीं सहवाग ने ट्वीट करते हुए कहा कि भगवान ऐसा दिन किसी भी माता-पिता को ना दिखाए, जहां उनका बेटा जवानी में ही चला जाए।












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