मुश्किल छड़ो में भारत के साथ पाकिस्तान के लोगों ने कहा शुक्रिया भारत
नई दिल्ली। सरहदें किसी की भावनाओं पर रोक नहीं लगा सकती है। दुख सरहद के चाहे उस पार हो या इस पार महसूस हर जगह होता है। पाकिस्तान के पेशावर के आर्मी स्कूल में आतंकी हमले में मारे गये 141 बच्चों के गम में भारत पाकिस्तान ही नहीं पूरे भारत में मातम फैला है।

ट्विटर पर इंडिया विद पाकिस्तान हैशटैग से किये गये लाखों ट्वीट्स ने भारतयी की भावनाओं को जाहिर किया। मुश्किल के छड़ों में भारत को अपने साथ खड़ा देखकर पाकिस्तान के लोग अभीभूत हैं। भारत के हैशटैग के जवाब में पाकिस्तान की ओर से थैंक्यू इंडिया हैशटैग भी जमकर इस्तेमाल किया गया जोकि काफी ट्रेंडिंग रहा।
कराची की जनसंचार छात्रा सकीना फिरोज ने ट्विटर पर लिखा, "प्रिय भारत, मैं अपने अन्य देशवासियों के बारे में नहीं जानती, लेकिन अपनी मानवता और दया दिखाकर निश्चित तौर पर तुमने मेरा दिल जीत लिया है। भारत की हमदर्दी से अभिभूत पाकिस्तानी नागरिक इमाद जफर ने ट्विटर पर लिखा, "दुख की घड़ी में पाकिस्तान के साथ रहने के लिए सीमा पार के हमारे दोस्तों का अभिवादन। प्रतिद्वंदी मातहत हैं, मानवता की जीत हुई।
इस तरह लंदन में रहने वाली पाकिस्तानी रबैल ने समर्थन के लिए भारत का शुक्रिया अदा करते हुए ट्विटर पर लिखा, "सीमा पार से आने वाले वाले संदेशों से बहुत अभिभूत हूं। दुख के इस समय में सहयोग के लिए शुक्रिया भारत। लाहौर में रहने वाले निजामुल असर ने लिखा, "हमारे खून का रंग एक ही है।"
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा हमले की सबसे पहले निंदा करने वाले विश्व के नेताओं में शामिल हैं। शांति नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने मंगलवार को ट्विटर पर लिखा था, "बच्चे हिंसा और हमले का सबसे पहला शिकार बनते हैं। यह समय एकजुट होकर इस हिंसा को रोकने का है।"
भारतीयों ने पेशावर हमले पर अपना आक्रोश जाहिर किया था। ग्लोबल वॉयसेज ने लिखा, "हां, मैं भारतीय हूं, तो क्या हुआ। बच्चे को खोने का दर्द सार्वभौमिक है।" पूर्व विदेश सचिव निरूपमा राव ने लिखा, "बच्चों की हत्याओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता। बच्चों की सीमा नहीं होती।"












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