West Bengal Election 2026: महिलाओं का वोट ही करेगा असली खेला, दीदी का देंगी साथ या करेंगी मोदी पर भरोसा?
West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण में लोकतंत्र की एक अभूतपूर्व तस्वीर सामने आई है। इस चरण में महिला मतदाताओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ते हुए मतदान का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे चरण में कुल 91.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
इसमें सबसे चौंकाने वाली और सकारात्मक बात महिलाओं की भागीदारी रही, जिनका मतदान प्रतिशत 92.28 फीसदी तक पहुंच गया। सुबह से ही राज्य के विभिन्न जिलों में मतदान केंद्रों के बाहर महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रही हैं।

"चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व"
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इन आंकड़ों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यह पहला मौका है जब पश्चिम बंगाल में दोनों चरणों में इतनी भारी संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। चुनाव आयोग ने इस भारी उत्साह को "चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व" का नारा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं का यह "साइलेंट वोट" चुनावी नतीजों को किसी भी दिशा में मोड़ने की क्षमता रखता है।
भवानीपुर में हाई-वोल्टेज मुकाबला
कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर इस बार सबकी नजरें टिकी रहीं। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर है। इस सीट पर भी वोटिंग के पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि भवानीपुर में इस बार 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है, जबकि 2021 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 82 प्रतिशत और 2024 के लोकसभा चुनाव में महज 78 प्रतिशत था।
आरोप-प्रत्यारोप और सुरक्षा के मुद्दे
मतदान के उत्साह के बीच राजनीतिक तल्खी भी चरम पर रही। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कई बूथों पर फर्जी वोटिंग के प्रयास का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके हस्तक्षेप के बाद धांधली रोकी गई। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठाए। टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने जानबूझकर महिला मतदाताओं को डराने और उनके साथ सख्ती करने की कोशिश की ताकि वे वोट न डाल सकें।
एग्जिट पोल और राजनीतिक दावे
मतदान समाप्त होते ही विभिन्न चैनलों के एग्जिट पोल ने माहौल गरमा दिया है। ज्यादातर सर्वे में BJP और TMC के बीच कांटे की टक्कर दिखाई गई है, जबकि कुछ सर्वे भाजपा को बढ़त दे रहे हैं।
- ममता बनर्जी: उन्होंने जीत का पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि भाजपा की हार निश्चित है।
- कीर्ति आजाद (TMC): उन्होंने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए दावा किया कि टीएमसी दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में वापसी करेगी।
बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका फैसला अब 4 मई 2026 को मतगणना के दिन होगा। फिलहाल, भारी महिला मतदान ने सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।












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