MP News: सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण, किसानों से करेंगे सीधा संवाद
मध्य प्रदेश सरकार किसानों के लिए सुविधाओं, जैसे वजन की सटीकता, पानी और आश्रय, वैकल्पिक जिला-व्यापी केंद्र चयन, शनिवार को विस्तारित संचालन, और सरकारी योजनाओं के बारे में बेहतर संचार की पुष्टि के लिए गेहूं खरीद केंद्रों का अचानक निरीक्षण करेगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में संचालित गेहूं उपार्जन केंद्रों का जल्द ही आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर किसी भी समय और कहीं भी उतर सकता है। इस दौरान वे उपार्जन केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन-प्रशासन द्वारा किसानों के लिए निर्धारित सभी सुविधाएं सही तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं या नहीं। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार ने उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। केंद्रों पर पीने के पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था और अन्य जनसुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र का चयन करने की सुविधा दी गई है, जिससे उन्हें अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
गेहूं की तौल प्रक्रिया को तेज करने के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है, वहीं जरूरत पड़ने पर जिलों को अतिरिक्त तौल कांटे बढ़ाने की अनुमति भी दी गई है। साथ ही बारदाने, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
एफएक्यू मानकों में दी गई राहत
किसानों को राहत देते हुए गेहूं के एफएक्यू (फेयर एवरेज क्वालिटी) मानकों में भी शिथिलता प्रदान की गई है। चमक विहीन गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत तक कर दी गई है, जबकि सूकड़े दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक निर्धारित की गई है।
उपार्जन क्षमता में हुआ इजाफा
राज्य सरकार ने उपार्जन केंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई है। अब प्रति केंद्र प्रतिदिन स्लॉट बुकिंग की सीमा 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है, जिसे जरूरत के अनुसार 3000 क्विंटल तक बढ़ाया जा सकता है। इससे अधिक से अधिक किसानों से गेहूं खरीदी सुनिश्चित हो सकेगी।
समर्थन मूल्य और बोनस का लाभ
प्रदेश में किसानों से गेहूं की खरीदी 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है।
शनिवार को भी जारी रहेगा उपार्जन कार्य
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और गेहूं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। इसके अलावा जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किए गए पोस्टर और बैनर उपार्जन केंद्रों पर लगाए गए हैं, ताकि किसानों को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित निरीक्षण को लेकर प्रशासनिक अमले में भी सक्रियता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि इस पहल से उपार्जन व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता और सुचारु संचालन सुनिश्चित होगा।












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