ईशनिंदा कानून की पाकिस्तानी मौलवी ने खोली पोल, कहा- जज से वकील तक सब खौफ में जी रहे हैं
इस्लामाबाद, 10 जुलाईः पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून को बेहद खतरनाक माना जाता है। इस कानून में मौत की सजा का प्रावधान है। इस कानून की मदद से कई लोगों को फंसाने और उन पर अत्याचार करने की खबरें सामने आती रहती है। इसका सबसे अधिक शिकार वहां के अल्पसंख्यक होते हैं। अब इस कानून की आलोचना में कई बुद्धिजीवी भी जुट गए हैं, और इसके खिलाफ बयान दे रहे हैं।

ईंशनिंदा का फतवा जारी करना आसान
पाकिस्तान के चर्चित मुफ्ती तारिक मसूद ने एक वीडियो में कहा कि पाकिस्तान में सबसे आसान काम ईशनिंदा का फतवा जारी करना हो गया है। उन्होंने कहा कि, 'अभी मैं सक्खर गया था, इमामबाड़ के करीब से मैं गुजर रहा था, तभी मैंने देखा कि मेरा नाम बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा हुआ है- मुफ्ती तारिक मसूद को पकड़ो, गिरफ्तार करो- मैं पतली गली से निकल लिया। मैंने सोचा अगर किसी ने यहां मुझे देख लिया तो कल हम भी अखबार में आ जाएंगे। ईशनिंदा का फतवा अब बेहद हल्का हो गया है।'

बेगुनाह लोग जेल में बंद
तारिक मसूद ने कहा, 'बहुत सी चीजें ऐसी हैं कि सुनाते भी खौफ आता है। पूरा मैं नाम लेकर बताउं तो मुझे वकील लोग पकड़ लेंगे और मैं फंसा दिया जाउंगा। ईशनिंदा के केस में बहुत सारे बेगुनाह लोग जेल में बंद हैं। आप उनके हालत जाकर देखो, कुछ तो जेल में पागल हो गए हैं।

जज भी ईशनिंदा कानून से डरे
किसी से दुकान खाली करवानी हो, वह खाली न कर रहा हो तो ईशनिंदा का मुकदमा करवा दिया। कुछ ऐसी गलती करवा दी, न चाहते हुए भी उससे जुर्म करवा लिया, वीडियो बना ली और जज को दिखा दिया। जज की भी मजबूरी हैं, जज को डर है कि अगर मैंने मुजरिम को बरी किया मुझे गोली मार देंगे। वकील को डर है कि अगर मैंने बरी किया तो आवाम मुझे उड़ा देगी।'

ईशनिंदा से डर कर अपनी जान बचा रहे लोग
मौलवी ने बताया, 'लोगों के हुजूम से वकील भी डर रहे हैं और डरकर गलत केस कर रहे हैं, अपनी जान बचा रहे हैं, कह रहे हैं कि अपनी जान बचाओ। और ये पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर हो रहा है। मैंने बड़े-बड़े उलेमाओं से सुना है कि पाकिस्तान को पाकिस्तानियों से खतरा है और इस्लाम को मुसलमानों और मजहबी लोगों से खतरा है। लिबरल लोगों से भी हमें इतना खतरा नहीं है जितना मजहबी लोगों से है।'

ईसाई को सुनाई मौत की सजा
गौरतलब है कि ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तान की एक कोर्ट ने एक अल्पसंख्य ईसाई व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई है। पेशे से बाइन मैकेनिक का काम करने वाले अशफाक मसीन पर यह आरोप था कि उसने करीब पांच साल पहले एक ग्राहक के सामने कथित तौर पर एक पैगंबर का अपमान किया था। अशफाक मसीह नाम के इस व्यक्ति को जून 2017 में गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप था कि उसने जीजस को 'सुप्रीम' बताया था।

सपने में की ईशनिंदा हरकत तो की हत्या
बतादें कि कुछ महीने पहले मौलाना तारिक मसूद के एक शिष्य की 3 महिलाओं ने महज इसलिए गला रेतकर हत्या कर दी थी, क्योंकि वह शख्स एक लड़की के सपने में ईशनिंदा कर रहा था। पुलिस अधिकारी ने संदिग्धों के हवाले से कहा कि उनकी 13 वर्षीय एक किशोरी रिश्तेदार ने कल रात एक सपना देखा था जिसमें उसे पीड़िता द्वारा की गई कथित ईशनिंदा के बारे में पता चला और बाद में उसे जान से मारने का आदेश दिया गया। डीपीओ ने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान सपने के विवरण वाला एक रजिस्टर बरामद किया गया है, जिसमें तीनों संदिग्धों को उनके रिश्तेदारों के साथ गिरफ्तार किया गया है।












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