'हमें कोई आपत्ति नहीं', पलटी मारने में उस्ताद निकला पाकिस्तान! TRF को अब क्यों मान रहा है आतंकी संगठन?
भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पहले से ही दुनियाभर में आतंकवाद पर दोहरा रवैया अपनाने के लिए बदनाम है। इस बार विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका द्वारा 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) को आतंकवादी संगठन घोषित करने के फैसले का समर्थन किया है। जबकि कुछ ही सप्ताह पहले वे इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र के बयान से बचाने में जुटे थे।
अब अमेरिका के सामने पाकिस्तान ने यू-टर्न लेते हुए कहा है कि उसे कोई आपत्ति नहीं। लेकिन TRF और लश्कर-ए-तैयबा के बीच संबंध को लेकर पाकिस्तान अब भी लीपापोती करता दिख रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री TRF को आतंकवादी संगठन घोषित करने के अमेरिका के फैसले का समर्थन किया है।

TRF ने ही ली थी पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी
'द रेजिस्टेंस फ्रंट' पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक संगठन है। ये वही आतंकी संगठन है जिसने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी।
वाशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान डार ने कहा कि टीआरएफ को आतंकवादी संगठन घोषित करना अमेरिका का संप्रभु निर्णय है, और पाकिस्तान को इससे कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जोड़ते हुए कहा कि टीआरएफ को लश्कर-ए-तैयबा से जोड़ना 'गलत' है। और अगर उनके पास कोई सबूत है कि वे इसमें शामिल हैं, तो हम उसका स्वागत करते हैं।'
पलटी मारने में उस्ताद निकला पाकिस्तान!
हालांकि अप्रैल की शुरुआत में डार का रुख कुछ और था। उन्होंने पाकिस्तान की संसद में बताया था कि इस्लामाबाद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस बयान में टीआरएफ का उल्लेख शामिल करने का विरोध किया था, जिसमें पहलगाम हमले की निंदा की गई थी।
डार ने पहले क्या कहा था?
पाक विदेश मंत्री ने इससे पहल कहा कि, 'हमने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान में टीआरएफ के उल्लेख का विरोध किया। मुझे दुनिया भर से फोन आए, लेकिन पाकिस्तान नहीं झुका। टीआरएफ को हटा दिया गया और पाकिस्तान की जीत हुई।'
उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान को टीआरएफ की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता को लेकर और पुख्ता सबूतों की आवश्यकता है।
शुक्रवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में, जब हिंदुस्तान टाइम्स की ओर से इस विषय में सवाल किया गया, तो डार ने कहा कि उस समय टीआरएफ को UNSC के बयान में शामिल करने के लिए कोई निर्णायक सबूत मौजूद नहीं थे। गौरतलब है कि भारत ने जनवरी 2023 में द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया था अमेरिका का स्वागत
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने X पर एक पोस्ट में प्रतिबंधित पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) आतंकी ग्रुप के एक संगठन TRF को आतंकवादी समूह घोषित करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उनके विभाग के प्रयासों की सराहना की थी।
भारत ने बताया महत्वपूर्ण कदम
एक अलग बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि, 'भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और आतंकी स्ट्रक्चर को ध्वस्त करने में वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया है। टीआरएफ को आतंकवादी संगठन घोषित करना एक महत्वपूर्ण कदम है जो आतंकवाद-निरोध पर भारत और अमेरिका के बीच गहरे सहयोग को दर्शाता है।'












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