अफगानिस्तान-पाकिस्तान में जंग के हालात.. पाकिस्तानी एयरफोर्स के एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान के भीषण हमले
Afghanistan-Pakistan News: अफगानिस्तान के तालिबान शासकों और पाकिस्तान के बीच जंग के हालात बन गये हैं और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में पाकिस्तानी एयरफोर्स के एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान ने पाकिस्तानी सीमा में भीषण गोलीबारी की है।
पाकिस्तान के दो सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है, कि पाकिस्तानी एयरफोर्स ने सोमवार तड़के अफगानिस्तान के अंदर पाकिस्तानी तालिबान के कई संदिग्ध ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जिसके बाद तालिबान ने पुष्टि की है, कि पाकिस्तान के हमले में आठ अफगान नागरिकों की मौत हो गई है।

तालिबान-पाकिस्तान में जंग के हालात
पाकिस्तान ने कहा है, कि उसने अफगानिस्तानी सीमा में तब हमले किए हैं, जब दो दिन पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) के एक आत्मघाती बम धमाके में उसके सात सैनिकों की मौत हो गई थी। टीटीपी ने ये आत्मघाती बम धमाका पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में सैनिकों को निशाना बनाकर किया था।
वहीं, तालिबान की तरफ से पाकिस्तान को कहा गया है, कि अफगानिस्तान की जमीन पर टीटीपी नाम का कोई संगठन नहीं है और पाकिस्तानी हमले की तालिबान की तरफ से जोरदार प्रतिक्रिया दी गई है, जिसके बाद दोनों देशों की सीमा पर तनावपूर्ण हालात हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारी संख्या में सैनिकों को अपनी सीमा पर तैनात किए हैं।
हालांकि, पाकिस्तानी सेना की तरफ से फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन दो पाकिस्तानी सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों ने कहा है, कि हवाई हमले पाकिस्तान की सीमा से लगे खोस्त और पक्तिका प्रांतों में किए गए हैं। अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बात की है, क्योंकि वे रिकॉर्ड पर मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं थे।
हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने फिलहाल इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी है, कि क्या पाकिस्तानी फाइटर जेट्स अफगानिस्तान की सीमा में दाखिल हुए थे नहीं। लेकिन, पाकिस्तानी तालिबान ने भी एक बयान में सोमवार के हमलों की पुष्टि की है।

वहीं, अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने एक बयान में कहा है, कि पक्तिका के बरमल जिले में पाकिस्तान के हवाई हमले में तीन महिलाएं और तीन बच्चे मारे गए, जबकि खोस्त प्रांत में हुए हमले में दो अन्य महिलाएं मारी गईं।
जबकि, शनिवार को पाकिस्तानी सैनिकों पर भी हमला हुआ था, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में टीटीपी के छह आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया था।
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सैनिकों के अंतिम संस्कार में भाग लिया और उनकी हत्याओं का बदला लेने की कसम खाते हुए कहा, कि "हमारे शहीद सैनिकों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा।"
पाकिस्तान के सैन्य चौकी पर शनिवार को हुए हमले की जिम्मेदारी नवगठित आतंकवादी समूह जैश-ए-फुरसन-ए-मुहम्मद ने ली है। हालांकि, पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों का मानना है, कि इस समूह, मुख्य रूप से प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी के सदस्य शामिल हैं, जो अक्सर पाकिस्तानी सैनिकों और पुलिस को निशाना बनाते हैं।
इस्लामाबाद स्थित सुरक्षा विशेषज्ञ सैयद मुहम्मद अली ने कहा, कि सोमवार को पाकिस्तानी एयरफोर्स ने अफगानिस्तान में जो हमला किया है, वो टीटीपी की तरफ से किए गये हमले का बदला था। खासकर शनिवार को मीर अली में हुए हमले में मारे गए सैनिकों में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और कैप्टन भी शामिल थे।
तालिबान का पलटवार
वहीं, दावा किया गया है, कि पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद तालिबानी सैनिकों ने पाकिस्तान की सीमा से लगती तीन चैकियों पर भीषण गोलीबारी की है। तालिबानी सैनिकों ने भारी हथियार से पाकिस्तानी सैनिकों को निशाना बनाया है, हालांकि अभी तक पता नहीं चल पाया है, कि तालिबान के हमले में कितने पाकिस्तानी सैनिक मारे गये हैं।
पाकिस्तानी मीडिया ने देश की सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के हवाले से जो रिपोर्ट दी है, उसमें कहा गया है, कि अफगानिस्तान की तरफ से तीन सरहदी जिले कुर्रम कबायली, उत्तरी वजीरिस्तान और दक्षिणी वजीरिस्तान में तालिबान ने भीषण हमले किए हैं और ये हमले तोप के साथ साथ भारी हथियारों से किए गये हैं।
पाकिस्तानी सेना ने कहा है, कि तालिबानी हमलों का जोरदार जवाब दिया जा रहा है।
तालिबान के प्रवक्ता मुजाहिद ने सोमवार दोपहर से ठीक पहले एक बयान में कहा है, कि पाकिस्तान के हवाई हमलों में कम से कम आठ लोग मारे गए हैं। उन्होंने पुष्टि की कि एक हमला पक्तिका में हुआ जहां तीन महिलाएं और तीन बच्चे मारे गए, और दूसरा खोस्त में हुआ जहां दो महिलाएं मारी गईं।
लेकिन, तालिबान के प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया, कि टीटीपी कमांडर अब्दुल्ला शाह पक्तिका में मौजूद है। उन्होंने कहा, कि जिन आदिवासी परिवारों के दोनों तरफ रिश्तेदार हैं, वे नियमित रूप से सीमा पार करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, कि पाकिस्तान को अपने क्षेत्र में अपनी कमियों के लिए अफगानिस्तान को दोषी नहीं ठहराना चाहिए और कहा, कि ऐसी घटनाओं से देशों के बीच संबंधों में खटास आ सकती है।
उन्होंने कहा, "ऐसी घटनाओं के बहुत बुरे परिणाम हो सकते हैं जो पाकिस्तान के नियंत्रण से बाहर होंगे।"












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