पाकिस्तान ने चीन से फौरन मांगे 1.3 अरब डॉलर, IMF ने किया इनकार, डिफॉल्ट होने में बचे सिर्फ 16 दिन
Pakistan IMF China Loan: भीषण आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान ने चीन से फौरन 1.3 अरब डॉलर के पुराने कॉमर्शियल ऋणों को फास्ट ट्रैक करते हुए फौरन फंड मुहैया कराने का अनुरोध किया है। पाकिस्तान ने चीन को बताया है, कि अब इसे इंटरनेशनल मॉनेट्री फंड यानि आईएमएफ से लोन मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
पाकिस्तान सरकार ने पिछले हफ्ते देश का बजट पेश किया है और बजट को लेकर आईएमएफ ने नाराजगी जताई थी और उसके बाद से ही माना जा रहा था, कि आईएमएफ पाकिस्तान को कर्ज नहीं देने वाला है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने बताया है, कि सोमवार को वित्त मंत्री इशाक डार ने चीन के प्रभारी डी'आफेयर पेंग चंक्स्यू के साथ एक बैठक के दौरान तत्काल कर्ज जारी करने का अनुरोध किया है।

पाकिस्तान के अधिकारियों ने कहा है, कि वित्त मंत्री ने अगले दो से तीन सप्ताह में परिपक्व होने वाले 1.3 अरब अमरीकी डालर के दो चीनी वाणिज्यिक ऋणों के पुनर्वित्त का मुद्दा उठाया है। इसका मतलब ये हुआ, कि पाकिस्तान के बैंक में चीन का जो 1.3 अरब डॉलर मैच्योर हो रहा है, उसे चीन पाकिस्तानी बैंक से ना निकाले और उस पैसे का इस्तेमाल पाकिस्तान, अपनी बाहरी ऋण अदायगी के लिए करना चाहता है।
पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच 6.5 अरब डॉलर का बेलऑउट पैकेज प्रोग्राम 30 जून को खत्म हो रहा है, लेकिन आईएमएफ ने पाकिस्तान को ऋण की नई किस्त जारी नहीं की। आईएमएफ का कहना है, कि पाकिस्तान ने बार बार उसकी शर्तों को तोड़ा है।
चीन से मिल सकता है राहत
पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, कि चीनी अधिकारियों ने पहले ही पाकिस्तान को आश्वासन दिया है, कि वे दोनों ऋण वापस कर देंगे, लेकिन इस्लामाबाद चाहता है, कि पैसा जल्द से जल्द वापस कर दिया जाए।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने चीनी प्रभारी डीआफेयर से ऋणों को समय पर पुनर्वित्त करने के बारे में आग्रह किया, जो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाएगा। पाकिस्तान के पास इस वक्त आधिकारिक तौर पर 3.9 अरब डॉलर का ही विदेशी मुद्रा भंडार बचा हुआ है और अगर चीन अपना पैसा निकाल लेता है, तो फिर उसका विदेशी मुद्रा भंडार 2 अरब डॉलर के करीब आ जाएगा, जो देश के लिए विनाशकारी स्थिति होगी।
पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) देश को दिवालिया होने से बचाने के उद्देश्य से 1.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज पर एक कर्मचारी-स्तरीय समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहे हैं।
पाकिस्तान के पास क्यों बचे हैं सिर्फ 16 दिन?
पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ 4 अरब डॉलर बचा हुआ है, जबकि पाकिस्तान को महीने की 30 तारीख से पहले बैंक ऑफ चायना को 300 मिलियन डॉलर का पुराना कर्ज चुकाना है। इसके अलावा, पाकिस्तान को चायना डेवलपमेंट बैंक को 1 अरब डॉलर का भुगतान करना है।
जबकि, पाकिस्तान के पास सिर्फ 3.9 अरब डॉलर ही बचे हैं और अगर वो चीन को कर्ज वापस कर देता है, तो उसका विदेशी मुद्रा भंडार करीब करीब खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, इसी महीने पाकिस्तान को कुछ और विदेशी कर्ज भी चुकाने हैं, जिसके बारे में पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लिहाजा अगर चीन से राहत नहीं मिलती है, तो 30 जून को पाकिस्तान डिफॉल्ट कर जाएगा।
पाकिस्तान उम्मीद कर रहा था, कि उसे इस महीने आईएमएफ से 1.1 अरब डॉलर के साथ साथ विश्व बैंक से 450 मिलियन डॉलर और एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक 250 मिलियन अमरीकी डालर का नया लोन मिल जाएगा, लेकिन इन तीनों संस्थाओं ने लोन जारी करने से इनकार कर दिया, लिहाजा पाकिस्तान के पास अब सिर्फ चीन ही एकमात्र विकल्प बचा है।












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