Pakistan Train Hijack: बलूचिस्तान दौरे पर पहुंचे पाक पीएम शहबाज शरीफ, ट्रेन हाईजैक में बचे लोगों से मिले
Pakistan Train Hijack: बलूचिस्तान में हाईजैक जाफर एक्सप्रेस ट्रेन (Jaffar Express train) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। पाकिस्तान सेना ने ऐसा दावा है कि बलूचिस्तान में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है और सभी विद्रोही मार दिए गए हैं। साथ ही, 300 से अधिक बंधकों को बचाने का दावा किया है।
इस बीच, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ (Pakistan PM Shehbaz Sharif) ने गुरुवार को बलूचिस्तान के दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रेन हाईजैक में जीवित बचे लोगों और बचाव अभियान का नेतृत्व करने वाले कमांडो से मिले। शरीफ के साथ, उप प्रधानमंत्री मुहम्मद इशाक डार के साथ अन्य लोग भी बलूचिस्तान पहुंचे।

बलूच लिबरेशन आर्मी का आया बयान
पाक पीएम के बलूच दौरे के बीच बलूच लिबरेशन आर्मी का बयान भी सामने आया है। बीएए ने दावा किया कि ISPR द्वारा किए गए वादे झूठे है और पाक हार को छिपाने की नाकाम कोशिश कर रहा है। जमीनी हकीकत ये है कि कई मोर्चों पर लड़ाई जारी है और दुश्मन को भारी नुकसान और सैन्य क्षति हो रही है।
बंधकों को बचाने में कामयाब नहीं हो पाई पाक सेना
बीएलए ने ऐसा दावा किया है कि पाक सेना न तो युद्ध के मैदान में जीत हासिल कर पाई और न ही अपने बंधक कर्मियों को बचाने में कामयाब हो पाई है। कहा कि पाकिस्तानी सेना अपने कर्मियों को बंधक बनाकर छोड़ कर प्रचार के जरिए से अपनी हार को छुपाती रहती है।
कैसे हाईजैक हुई जाफर एक्सप्रेस ट्रेन?
जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पाकिस्तान के क्वेटा से मंगलवार सुबह 9 बजे पेशावर के लिए रवाना हुई थी। लेकिन, बीएलए विद्रोहियों ने बोलान के माशफाक टनल में हमला किया और रेलवे ट्रैक टनल नंबर-8 को उड़ा दिया। इससे जाफर एक्सप्रेस के नौ डिब्बे और इंजन गुडलार बेपटरी हो गई, जिसके बाद ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया था।
खिड़कियों पर चलाईं गोलियां
इसके बाद, आतंकवादियों ने ट्रेन की खिड़कियों पर गोलियां चलाईं और फिर बोगियों में घुसकर यात्रियों को मार डाला। इतना ही नहीं, अन्य यात्रियों को बंधक बना लिया। इस हाईजैक के बाद पाकिस्तानी सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और बीएलए के 33 विद्रोहियों को मार गिराया। साथ ही, उनके कब्जे से सभी बंधकों को रिहा कर लिया गया है।
अफगानिस्तान के संपर्क में थे बीएलए
पाक सैन्य अधिकारियों ने खुलासा किया कि घेराबंदी के दौरान बीएलए के आतंकवादी सैटेलाइट फोन के ज़रिए अफ़गानिस्तान में अपने नेताओं से सीधे संपर्क में थे। पाकिस्तानी सेना ने अफ़गान तालिबान सरकार से आग्रह किया है कि वह अपने क्षेत्र का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों के लिए होने से रोके। हालांकि, काबुल ने पाक के इन आरोप को खारिज कर दिया है।
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