यूरोपीय 'भीख' के लिए रूस से गद्दारी, यूक्रेन को 44 T-80UD टैंक भेजेगा पाकिस्तान, पुतिन रोकेंगे तेल सौदा?
पाकिस्तान और यूक्रेन के बीच रक्षा संबंध रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान की कोशिश रूस से कम कीमत पर तेल खरीदने की है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान को रूस के दोस्त चीन से भी कर्ज चाहिए।

Pakistan to send Tank in Ukraine: पाकिस्तान हमेशा से अपनी फितरतन गद्दारी के लिए मशहूर रहा है और पाकिस्तान को लेकर एक प्रचलत कहावत भी है, कि 'ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे पाकिस्तान ने ठगा नहीं।' पाकिस्तान अब तक सऊदी अरब, चीन और अलकायदा, तालिबान को भी ठग चुका है और अब पाकिस्तान, रूस के पीठ पर छूरा भोंगने जा रहा है। अभी तक पाकस्तान, डिस्कॉंउट पर तेल लेने के लिए रूस के सामने गिड़गिड़ा रहा था और मौका देखते ही पाकिस्तान, यूक्रेन को टैंक सप्लाई करने के लिए भी तैयार हो गया।
यूक्रेन को टैंक भेजेगा पाकिस्तान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्थिक संकट से बचने के लिए पाकिस्तान, यूरोपीय देशों से खैरात की उम्मीद लगाए बैठा है, लिहाजा वो यूक्रेन में हथियार भेजकर पश्चिमी देशों को खुश करने में लगा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है, कि पाकिस्तान यूक्रेन को टैंक, गोला-बारूद और अन्य रक्षा आपूर्ति करने वाला है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यूक्रेन को रूस के खिलाफ अपने डिफेंस को मजबूत करने में मदद करने के लिए पाकिस्तान 44 T-80UD मुख्य युद्धक टैंक (MBT) को ट्रांसफर करने पर विचार कर रहा है। आपको बता दें, कि अभी तक चीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे पाकिस्तान के पारंपरिक सहयोगियों ने ज्यादा ऋण देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वित्तीय राहत के लिए कई शर्तों को पूरा करने के लिए कहा है, लिहाजा पाकिस्तान अब यूरोप को चूना लगाने की कोशिश में है, और इसीलिए यूक्रेन को टैंक भेजने पर विचार कर रहा है, ताकि यूरोप खुश होकर उसे कुछ भीख दे दे।
यूक्रेन को लगातार हथियार दे रहा है पाकिस्तान
रूस ने पिछले साल 24 फरवरी को जब यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान का आगाज किया था, उसके बाद से ही पाकिस्तान लगातार यूक्रेन को हथियारों, गोला-बारूद और तोपखाने के गोले की आपूर्ति कर रहा है। हालांकि, यह पहली बार होगा, जब यूक्रेन को उसके पश्चिमी सहयोगियों के अलावा किसी अन्य देश से टैंकों की आपूर्ति की जाएगी। आपको बता दें, कि पाकिस्तानी सेना के पास 2,467 टैंक हैं। पाकिस्तान, जिसके यूक्रेन के साथ घनिष्ठ सैन्य और औद्योगिक संबंध रहे हैं, उसने पूर्वी यूरोपीय देश से 320 से ज्यादा T-80UD टैंक खरीदे थे और ये सोवियत काल के दौरान बनाए गये T-80 टैंक का का एडवांस वेरिएंट है। आपको बता दें, कि पाकिस्तान और यूक्रेन के बीच हुए सौदे में गोला-बारूद और स्पेयर पार्ट्स सहित T-80UD टैंकों के रखरखाव के लिए भी डील हुई है। 1991 में तत्कालीन सोवियत संघ से अलग होने के बाद से यूक्रेन के पाकिस्तान के साथ घनिष्ठ सैन्य संबंध रहे हैं और दोनों देशों ने 2020 तक लगभग 1.6 अरब डॉलर के डिफेंस एग्रीमेंट किए थे।
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रूस से तेल खरीदने की कोशिश में पाकिस्तान
एक तरफ पाकिस्तान, यूक्रेन को टैंक भेजने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ रूस से भी डिस्काउंट पर तेल खरीदने की कोशिश में लगा हुआ है। पाकिस्तन ऊर्जा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कि एक रूसी टेक्निकल डेलिगेशन मंगलवार को कराची में पाकिस्तान स्टेट ऑयल (पीएसओ) के अधिकारियों के साथ सरकार से सरकार स्तर (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) पर कच्चे तेल के आयात सौदे को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत करेगा। जियो न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, कि "बातचीत सफल होने की स्थिति में, दोनों देशों के स्वामित्व वाली दो नामांकित कंपनियां अगले दिन (22 मार्च) वाणिज्यिक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगी।" जियो न्यूज ने बताया है, कि पीएससी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को कराची पहुंच गया था। सूत्रों के हवाले से जियो न्यूज ने दावा किया है, कि "ब्रेंट क्रूड की मौजूदा कीमत घटकर 73 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, जबकि फरवरी 2023 में रूसी कच्चे तेल की कीमत 52 डॉलर थी, और अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल रूसी तेल की कीमत 48 डॉलर के के आसपास है।" जियो न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान की कोशिश 50 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से रूसी तेल खरीदने की है, ताकि ज7 देशों के रूसी तेल पर लगाए गये प्राइस कैप का भी उल्लंघन ना हो। हालांकि, अभी तक रूस की तरफ से कोई संकेत नहीं दिया गया है, कि वो पाकिस्तान को डिस्काउंट पर तेल बेचने के लिए तैयार है या नहीं।












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