कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज लेता है पाकिस्तान, रिपोर्ट में खुलासा- चीन का तीसरा सबसे बड़ा कर्जदार देश PAK
पाकिस्तान में महंगाई चरम पर है और सरकारी खजाना लगभग खाली हो चुका है। भारत का पड़ोसी देश आजादी के बाद अपने सबसे खराब आर्थिक दौर से उबरने की कोशिशों में जुटा है। आईएमएफ (IMF) कड़ी शर्तों पर पाकिस्तान को लोन दे रहा है। बीच-बीच में चीन, पाकिस्तान के खजाने में कुछ डॉलर दे देता है ताकि वह दिवालिया होने से बच जाए।
इस बीच एक रिपोर्ट में पता चला है कि पाकिस्तान, चीन का तीसरा सबसे बड़ा कर्जदार देश है। अमेरिका स्थित इंटरनेशनल डेवलपमेंट रिसर्च लैब AidData द्वारा सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने चीन से 70.3 बिलियन डॉलर ले रखे हैं। इसका एख बड़ा हिस्सा कर्ज के रूप में लिया गया है।

AidData ने 5,300 से अधिक स्रोतों से डेटा का उपयोग करके निष्कर्ष निकाला है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2000 और 2021 के बीच पाकिस्तान में चीन के पोर्टफोलियो में केवल 2 फीसदी अनुदान शामिल था, जबकि बाकी 98 फीसदी ऋण के रूप में था।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 68.9 अरब डॉलर के कुल 161 ऋणों के साथ, पाकिस्तान, रूस और वेनेजुएला के बाद दुनिया में चीन का तीसरा सबसे बड़ा कर्जदार देश है।
अमेरिकी रिसर्च हाउस के अनुसार, ऋण पर औसत ब्याज दर 9.84 वर्ष की औसत परिपक्वता अवधि और 3.74 वर्ष की छूट अवधि के साथ 3.72 प्रतिशत थी।
2000 और 2021 के बीच चीनी विकास वित्त के प्रशासन-वार विश्लेषण से पता चला कि 21 साल की अवधि में नवाज शरीफ की पीएमएल-एन सरकार (2013-17) चीन से 36.2 बिलियन डॉलर हासिल करने में कामयाब रही। वहीं, इमरान खान की पीटीआई सरकार ने चीन से 19.6 अरब डॉलर, और जरदारी की पीपीपी सरकार ने 10.4 अरब डॉलर और मुशर्रफ सरकार ने 4.1 अरब डॉलर कर्ज हासिल करने में सफल रही।
पाकिस्तान 2012 के बाद से, चीन का सबसे बड़ा विदेशी विकास वित्तपोषण प्रदाता रहा है, जिसने 2013 में अमेरिका से 1.6 गुना, 2016 में 7.7 गुना और 2021 में 22.4 गुना कर्ज दिया है।
बचाव ऋण के रूप में चीन ने पाकिस्तान को 28.13 बिलियन डॉलर दिया है। यह दुनिया में सबसे अधिक है। चीन ने इसके बाद अर्जेंटीना, इक्वाडोर और वेनेज़ुएला को बचाव ऋण दे रखा है। रिपोर्ट में कहा गया, ''यह दोनों देशों के बीच हर मौसम वाली दोस्ती की ओर इशारा करता है।''
पाकिस्तान का चीन पर सार्वजनिक ऋण 67.2 बिलियन डॉलर है, जो सकल घरेलू उत्पाद का 19.6 फीसदी है। रिपोर्ट में कहा गया है, "पाकिस्तान ने 2017 के बाद से, चीनी विकास वित्त का बड़ा हिस्सा विकासात्मक परियोजनाओं के बजाय बचाव ऋण के लिए लिया है।"
आंकड़ों से पता चलता है कि पाकिस्तान के मिले 38.8 बिलियन डॉलर की 127 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से, 452 मिलियन डॉलर की तीन परियोजनाएं निलंबित या रद्द की गई हैं।












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