Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

PAK Saudi Pact: युद्ध की बीच पाकिस्तान ने दिखाई असलियत, पिटता रहा सऊदी-नहीं भेजी सैन्य मदद, आगे क्या?

PAK Saudi Pact: मिडिल ईस्ट में जंग जारी है, जिससे भड़ककर ईरान उन सभी देशों को निशाने पर ले रहा है जिनका अमेरिका से संबंध है या फिर उनके यहां अमेरिकी मिलिट्री बेस हैं। इन्हीं में से एक है सऊदी अरब। सऊदी अरब पर हुए ईरानी हमलों के बाद सऊदी ने पाकिस्तान को वो करार याद दिलाया जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने किया था। आम तौर पर इस्लामाबाद को रियाद का भरोसेमंद सैन्य सहयोगी माना जाता रहा है। लेकिन इस बार पाकिस्तान ने सऊदी पर हो रही स्ट्राइक के बीच मुंह फेर लिया है।

सऊदी की नाराजगी पर पाक ने झाड़ा पल्ला

सूत्रों की मानें तो सऊदी अरब पाकिस्तान के इस रवैये से खुश नहीं है। सऊदी अरब को उम्मीद थी कि पाकिस्तान कम से कम किसी स्तर पर सैन्य सहयोग का संकेत देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।पाकिस्तान ने इस संकट पर एक ऐसा रुख अपनाया है जिससे वह फंस गया है। इस्लामाबाद ने कोशिश की है कि वह एक साथ सऊदी अरब और ईरान दोनों के साथ अपने रिश्तों को संभाल कर रखे। इसलिए उसने किसी भी एक पक्ष के साथ खुलकर खड़े होने से परहेज किया और खुद को सैन्य कार्रवाई से दूर रखा।

PAK Saudi Pact

फिर कैसा समझौता?

इस रवैये ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सऊदी अधिकारियों को खास तौर पर इस बात से निराशा है कि पाकिस्तान ने तेहरान की ओर से हुए हमलों का मुकाबला करने के लिए कोई सैन्य सहायता नहीं दी, जबकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से एक द्विपक्षीय रक्षा समझौते की बात होती रही है।

Explained: रूस अब क्यों नहीं दे रहा भारत को तेल पर छूट? पुतिन भी खेल गए, देखें 2022 से 2026 तक का ग्राफ
Explained: रूस अब क्यों नहीं दे रहा भारत को तेल पर छूट? पुतिन भी खेल गए, देखें 2022 से 2026 तक का ग्राफ

बयान तो आए, लेकिन सैनिक नहीं

पाकिस्तान ने सार्वजनिक तौर पर कई बार कहा है कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा के साथ खड़ा है। लेकिन यह समर्थन केवल कूटनीतिक बयानों तक ही सीमित रहा है। रियाद को उम्मीद थी कि इस्लामाबाद कम से कम सैन्य सहायता देने की तैयारी या तत्परता का संकेत देगा, मगर ऐसा कोई कदम सामने नहीं आया।

मामला साधने में लगा पाक

पाकिस्तानी अधिकारियों ने सिर्फ दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। इस वजह से पाकिस्तान प्रभावी रूप से युद्ध में सीधी भागीदारी से बाहर ही रहा है। लेकिन अब ये सवाल उठ रहा है कि अगर पाकिस्तान भविष्य में किसी जंग में फंसता है तो क्या सऊदी उसका साथ देने के लिए आगे आएगा?

अफगानिस्तान के नाम पर बनाया बहाना

सीधे युद्ध में उतरने के बजाय पाकिस्तान ने कथित तौर पर अपना ध्यान अफगानिस्तान की स्थिति की ओर मोड़ने की कोशिश की है। सूत्रों के मुताबिक इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं और सीमा के पास सक्रिय आतंकी समूहों के मुद्दे को ज्यादा जोर से उठाना शुरू ताकि वह सऊदी के आगे ये बहाना दे सके कि वह खुद एक युद्ध में जिसमें उसे सऊदी की जरूरते है।

क्या रक्षा समझौता सिर्फ कागज पर है?

अब सवाल उठने लगा है कि क्या पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौता वास्तव में एक मजबूत रणनीतिक गठबंधन है या फिर यह सिर्फ राजनीतिक समझ का एक ढांचा है जो संकट के समय कमजोर पड़ जाता है। कई एक्सपर्ट्स इसे दिखावे की डील मानते हैं, ताकि दुनिया में ये संदेश जा सके कि इनमें से किसी एक पर भी हमला करना दोनों पर हमला करने जैसा होगा। वहीं, जब वास्तविक संकट आता है, तो राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर रखे जाते हैं।

पैसा खाकर भूला पाकिस्तान

पाकिस्तान के सामने आर्थिक और कूटनीतिक दबाव भी हैं। सऊदी अरब ने कई बार पाकिस्तान को आर्थिक संकट के समय वित्तीय सहायता दी है। इसलिए इस रिश्ते का आर्थिक महत्व भी काफी बड़ा है। लेकिन शायद पाकिस्तान सऊदी का पैसा खाकर उस वक्त भूल गया जब सऊदी को मदद की आवश्यकता है।

ईरान के साथ पड़ोसी होने की मजबूरी

साथ ही पाकिस्तान ईरान को अलग-थलग करने का जोखिम भी नहीं उठा सकता। दोनों देशों के बीच लंबी और कई जगहों पर अस्थिर सीमा है, जहां सुरक्षा चिंताएं पहले से मौजूद हैं। ऐसे में तेहरान के साथ तनाव बढ़ाना पाकिस्तान के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।

सऊदी अरब की निराशा

लेकिन सऊदी अरब के नजरिए से देखें तो यह स्थिति निराशाजनक है। एक ऐसे समय में जब उसे अपने सहयोगियों से मजबूत समर्थन की उम्मीद थी, पाकिस्तान की सैन्य गैरहाजिरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ये दोनों के बीच हुए सैन्य गठबंधन की अग्नि परीक्षा थी जिसमें पाक फिलहाल फेल होता दिख रहा है।

Israel Iran War: जंग के बीच ईरान को किसने दी बारूदी सुरंग बनाने की टेक्नोलॉजी? चीन, S. कोरिया या रूस?
Israel Iran War: जंग के बीच ईरान को किसने दी बारूदी सुरंग बनाने की टेक्नोलॉजी? चीन, S. कोरिया या रूस?

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+