सऊदी अरब को परमाणु कार्यक्रम में मदद करेगा पाकिस्तान? रक्षा मंत्री ने दिया चौंकाने वाला बयान

Pakistan Saudi Arabia Defense Pact: क्या सऊदी अरब अब दुनिया की अगली परमाणु शक्ति बनने जा रहा है? पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के चौंकाने वाले बयान ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। उनका कहना है कि एक नए रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान की परमाणु क्षमता सऊदी अरब के लिए भी उपलब्ध हो सकती है। यह बयान खाड़ी क्षेत्र और वैश्विक सुरक्षा के समीकरणों को पूरी तरह से बदल सकता है।

यह समझौता दोनों देशों के बीच दशकों से चली आ रही सैन्य साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाता है। इस समझौते के मुताबिक, अगर किसी एक देश पर हमला होता है तो दूसरा देश मिलकर उसका जवाब देगा।

Mohammed bin Salman and Shehbaz Sharif

ख्वाजा आसिफ ने इसे 'अंब्रेला अरेंजमेंट' बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी परमाणु क्षमता और प्रशिक्षित बल इस समझौते के तहत पूरी तरह से उपलब्ध होंगे।

दुनिया क्यों है चिंतित?

पाकिस्तान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में बढ़े हुए तनाव को लेकर चिंतित है। एक्सपर्ट का मानना ​​है कि यह समझौता इजराइल को एक सीधा संदेश है। लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि इजराइल ही मध्य-पूर्व का एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न देश है।

इसके अलावा, सऊदी अरब पर यह भी संदेह है कि उसने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम में आर्थिक रूप से मदद की थी। इस बयान से इन अटकलों को और हवा मिली है कि सऊदी अरब भी अब परमाणु शक्ति बनने की राह पर है।

भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

भारत ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के वर्तमान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नई दिल्ली इस समझौते के क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करेगी।

भू-राजनीतिक विश्लेषक इयान ब्रेमर ने भी कहा है कि यह समझौता न सिर्फ पाकिस्तान को मजबूत करेगा, बल्कि इससे भारत की सुरक्षा रणनीति भी बदल जाएगी। उनका मानना है कि यह समझौता भारत के लिए एक 'गेम चेंजर' साबित होगा।

वर्तमान में कितने देशों के पास परमाणु हथियार?

  • संयुक्त राज्य अमेरिका (USA): 16 जुलाई 1945 को 'ट्रिनिटी' नाम का पहला परमाणु परीक्षण किया। यह दुनिया का पहला परमाणु शक्ति संपन्न देश बना।
  • रूस (तब सोवियत संघ): 29 अगस्त 1949 को 'आरडीएस-1' नाम का अपना पहला परमाणु परीक्षण किया।
  • यूनाइटेड किंगडम (UK): 3 अक्टूबर 1952 को ऑस्ट्रेलिया के मोंटे बेलो द्वीप में 'हरिकेन' नामक अपना पहला परमाणु परीक्षण किया।
  • फ्रांस: 13 फरवरी 1960 को अल्जीरिया में 'जेरबोइस ब्लू' नामक अपना पहला परमाणु परीक्षण किया।
  • चीन: 16 अक्टूबर 1964 को '596' नामक अपना पहला परमाणु परीक्षण किया।
  • भारत: 18 मई 1974 को 'स्माइलिंग बुद्धा' नामक अपना पहला परमाणु परीक्षण किया। इसे एक 'शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट' बताया गया था, लेकिन परमाणु क्षमता का प्रदर्शन हुआ। भारत ने बाद में 11 और 13 मई 1998 को 'ऑपरेशन शक्ति' के तहत कई और सफल परीक्षण किए।
  • पाकिस्तान: 28 मई 1998 को 'चागाई-I' नामक अपना पहला सफल परमाणु परीक्षण किया। यह भारत के 1998 के परीक्षणों के जवाब में किया गया था।
  • उत्तर कोरिया: 9 अक्टूबर 2006 को अपना पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
  • इजराइल: इज़राइल ने कभी भी सार्वजनिक रूप से परमाणु परीक्षण नहीं किया है, और न ही उसने आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियार रखने की पुष्टि की है। हालांकि, माना जाता है कि 1960 के दशक के अंत से उसके पास परमाणु हथियार हैं, और कई विश्वसनीय स्रोतों (जैसे SIPRI और FAS) ने उसके पास परमाणु हथियारों के भंडार का अनुमान लगाया है।
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