भारत से बातचीत के लिए पाकिस्तान ने लगाई गुहार, इशाक डार बोले इसके लिए‘भीख नहीं मांगेंगे’
India Pakistan Dialogue: पाकिस्तान ने फिर से भारत के साथ बातचीत की दिशा में संकेत दिए हैं। पाक के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका देश सभी लंबित मुद्दों, जिसमें जम्मू-कश्मीर विवाद (Jammu Kashmir Dispute) पर भारत के साथ गरिमापूर्ण और सम्मानजनक तरीके से बात करने के लिए तैयार है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान भारत से बातचीत के लिए भीख नहीं मांगेगा और किसी भी प्रकार के आक्रमण की स्थिति में उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा।

डार ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सेना ने हालिया संघर्षों में अपनी क्षमता साबित की है और किसी भी उकसावे या हिंसात्मक स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। भारत की ओर से स्पष्ट रहा है कि वह केवल पाकिस्तान-नियंत्रित जम्मू-कश्मीर और आतंकवाद के मुद्दों पर ही बातचीत करेगा।
India Pakistan Conflict: पाकिस्तान की कॉम्पोजिट डायलॉग की तैयारी
पाक विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान 2003 में शुरू हुई कॉम्पोजिट डायलॉग प्रक्रिया के तहत भारत के साथ सभी संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है। यह संवाद आठ हिस्सों में विभाजित था और दोनों देशों के बीच विवादास्पद विषयों को कवर करता था। हालांकि, 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद यह प्रक्रिया ठप हो गई थी।
भारत की स्थिति स्पष्ट है कि वह केवल पाकिस्तान-नियंत्रित जम्मू-कश्मीर और आतंकवाद के मुद्दों पर ही बातचीत करेगा। डार ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान किसी भी आक्रमण का जवाब "पूरी ताकत से" देगा, चाहे वह जमीन, हवा या समुद्र के रास्ते हो। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सेनाओं ने हालिया संघर्ष में अपनी क्षमता और कौशल साबित किया है।
पहलगाम हमले के बाद से है तनाव
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। इस दौरान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और PoJK में नौ स्थानों पर सटीक हमले किए गए, जिसमें सैकड़ों आतंकवादी मारे गए।
इसके बाद पाकिस्तान ने 8 मई से 10 मई तक भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की। भारत ने प्रबल प्रतिक्रिया देते हुए कई पाकिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाया और भारी नुकसान पहुंचाया। चार दिनों की क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग, ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच सीज़फ़ायर समझौता हुआ। यह समझौता तब संभव हुआ जब पाकिस्तान के DGMO ने अपने भारतीय समकक्ष से अनुरोध किया।
पाकिस्तान की वैश्विक कूटनीति
इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान की स्थिति को वैश्विक स्तर पर मान्यता और स्वीकार्यता मिली है। बताते चलें कि, हाल ही में पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने अमेरिका में बैठकर भारत को धमकी दी थी कि यदि भारत सिंधु जल के लिए बांध बनाएगा तो पाकिस्तान परमाणु हमला करके आधी दुनिया को बर्बाद कर देगा।
बाद में पाकिस्तान ने अपनी दलील बदलते हुए कहा कि वह सिंधु जल संधि के पूरी तरह से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और भारत से आग्रह किया कि पानी छोड़ने का काम बहाल करे।
कूटनीतिक संतुलन की चुनौती
भारत और पाकिस्तान के बीच इस तनावपूर्ण स्थिति में बातचीत की कोई भी पहल गंभीर और संवेदनशील कूटनीतिक संतुलन की मांग करती है। इशाक डार का बयान पाकिस्तान की ओर से भारत पर दबाव बनाए रखने और संवाद की संभावनाओं को रेखांकित करने वाला कदम माना जा रहा है।












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