पाकिस्तान के लिए बड़ा सिरदर्द बने इमरान खान, अपने ही देश की सरकार के खिलाफ पहुंचे यूनाइटेड नेशंस
एक ताजा घटनाक्रम में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी अपनी पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र (United Nations) पहुंच गई है।
इस्लामाबाद, 2 जून : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान सत्ता से हटने के बाद से शहबाज शरीफ की सरकार पर आए दिन निशाना साधते नजर आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में बेहद हैरान करने वाला और असामान्य कदम उठाते हुए इमरान खान के नेतृत्व वाली विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) अपनी ही सरकार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र पहुंच गई।

स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग
जानकारी के मुताबिक इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने संयुक्त राष्ट्र से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए मदद मांगी है। उन्होंने यूएन की शरण में जाकर कहा कि पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने पिछले सप्ताह एक विरोध प्रदर्शन के दौरान ज्यादतियों और मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। पीटीआई की वरिष्ठ नेता और इमरान खान की सरकार में मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी (Shireen Mazari ) ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेट को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि सराक ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ कार्य किए।

यूएन की शरण में इमरान
पीटीआई का यह पत्र तब सबके सामने आया जब इमरान खान के समर्थकों ने 25 मई को इस्लामाबाद में सरकार को जल्दी चुनाव की घोषणा करने की मांग को लेकर हिंसक विरोध किया और पुलिस को उन्हें नियंत्रण में रखने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। पीटीआई की नेता मजारी ने संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी से उनकी तरफ से उठाए गए मुद्दों पर तुरंत ध्यान देने का अनुरोध किया और आरोप लगाया कि सरकार ने ना केवल पाकिस्तान में लोकतंत्र को बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान व उनकी पार्टी के नेतृत्व के जीवन को खतरे में डाल दिया।

सरकार ने ज्यादती की
पीटीआई ने सरकार पर कार्रवाई के दौरान कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकार की ज्यादती करने का आरोप लगाया। उन्होंने पीटीआई सदस्यों के उत्पीड़न को समाप्त करने और उनके खिलाफ राजनीतिक मामलों से बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की मांग की। मजारी ने यह भी मांग की कि सरकार मीडिया की सेंसरशिप को रोक दिया जाए, जो उन्होंने कहा कि बुनियादी लोकतांत्रिक मानदंडों और आईसीसीपीआर का उल्लंघन है।

सरकार के खिलाफ यूएन पहुंची पीटीआई
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई ने संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान की संघीय सरकार को दमनकारी उपायों के माध्यम से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के मूल अधिकार से वंचित करने से रोकने का आग्रह किया। बता दें कि मजारी का पत्र प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा एक समिति गठित करने के एक दिन बाद आया है, जो इस बात की जांच करेगी कि प्रदर्शन के दौरान पीटीआई के प्रदर्शनकारियों के पास हथियार थे या नहीं। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री खान ने एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन बंद करने का फैसला किया है क्योंकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बंदूकें रखीं और उन्हें झड़पों और हिंसा की आशंका थी।

सरकार पर फवाद चौधरी का आरोप
पाकिस्तान मीडिया आउटलेट के अनुसार, पीटीआई के प्रवक्ता और पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा था कि उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस हिंसा के वीडियो अंतर्राष्ट्रीय मानव आयोग के सामने पेश किए जाएंगे और आरोप लगाया था कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि वे पाकिस्तान में आपराधिक शिकायतें भी दर्ज करेंगे

इससे पहले अदालत पहुंची थी पीटीआई
इससे पहले, बुधवार को, पीटीआई ने शहबाज शरीफ सरकार और अन्य अधिकारियों को इस्लामाबाद में पार्टी के दूसरे मार्च में बाधा नहीं पैदा करने का निर्देश देने के लिए देश की शीर्ष अदालत का रुख किया। बता दें कि, इससे पहले राजधानी में प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद 'मार्च' को टाल दिया गया था।












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