पाकिस्तान में जंगल राज, मस्जिद के सामने पूर्व चीफ जस्टिस की गोली मारकर हत्या
पूर्व चीफ जस्टिस मस्कानजई ने ऐतिहासिक फैसले लिखे, जिसमें शरीयत के खिलाफ रीबा-आधारित बैंकिंग प्रणाली की घोषणा भी शामिल थी।
Pakistan News: आतंकवादियों को दूध पिलाने वाला पाकिस्तान अब खुद आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार बन रहा है, लेकिन अभी भी इस अभागे देश में आतंकवादियों को शरण देना बंद नहीं किया जा रहा है। पाकिस्तान में इस बार हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुतबाकि, बलूचिस्तान प्रांत के उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश की शुक्रवार को एक मस्जिद के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पूर्व चीफ जस्टिस की हत्या
बलूचिस्तान के खारान के पुलिस अधीक्षक आसिफ हलीम ने डॉन को बताया कि, हमलावरों ने खारन इलाके में मस्जिद के बाहर रिटायर्ड चीफ जस्टिस मुहम्मद नूर मस्कानजई पर गोलियां चलाईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। डॉन की रिपोर्ट में कहा गया है कि, पूर्व मुख्य न्यायाधीश को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर अब्दुल कुदूस बिजेंजो ने "निडर न्यायाधीश" की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, उनकी सेवाएं "अविस्मरणीय" थीं। मुख्यमंत्री बिजेंजो ने कहा कि, "शांति के दुश्मनों के कायरतापूर्ण हमले राष्ट्र को डरा नहीं सकते"।

बड़े फैसलों के लिए जाने जाते थे चीफ जस्टिस
पूर्व चीफ जस्टिस मस्कानजई ने ऐतिहासिक फैसले लिखे, जिसमें शरीयत के खिलाफ रीबा-आधारित बैंकिंग प्रणाली की घोषणा भी शामिल थी। वहीं, क्वेटा बार एसोसिएशन (क्यूबीए) के अध्यक्ष अजमल खान कक्कड़ ने भी पूर्व चीफ जस्टिस की हत्या की निंदा की है। उन्होंने कहा कि पूर्व जज के निधन से पाकिस्तान का हर नागरिक बेहद दुखी है। डॉन ने अजमल कक्कड़ के हवाले से कहा, "हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।" पाकिस्तान पहले से ही कानून व्यवस्था जैसे बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से गुजर रहा है और ऐसे में पूर्व जज की हत्या ने कानून व्यवस्था पर गहरा आघात किया है और कोई भी जज मुश्किल फैसले लिखने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के कानून राज्य मंत्री शहादत हुसैन ने माना कि, पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में तेज वृद्धि देखी गई है।

आतंकी घटनाओं से दहलता पाकिस्तान
इस साल पाकिस्तान में सबसे ज्यादा आतंकी घटनाएं सितंबर में दर्ज की गईं। इस्लामाबाद स्थित एक थिंक टैंक ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) द्वारा हमलों को फिर से शुरू करने की ओर इशारा किया है। इस साल अगस्त की तुलना में सितंबर में आतंकी हमलों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है। डॉन ने पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट में कहा है, कि पाकिस्तान में सितंबर महीने में 42 आतंकवादी हमले हुए हैं, जिनमें अगस्त की तुलना में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पाकिस्तानी थिंक टैंक ने भी तत्कालीन फाटा और खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में हिंसा में 106 प्रतिशत की वृद्धि देखी है। इस साल अगस्त में, थिंक टैंक ने कहा कि आतंकवादियों ने पूरे पाकिस्तान में 31 हमले किए, जिसमें 37 लोग मारे गए और 55 अन्य घायल हो गए।












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