पिता, भाई, चाचा, मामा... 60% पाकिस्तानी बच्चों से घर के सदस्य ही करते हैं रेप, सनसनीखेज रिपोर्ट
पाकिस्तान में लगभग 60% नाबालिग लड़के-लड़कियों के यौन शोषण में उनके परिवार के लोग या सगे-संबंधी ही शामिल होते हैं।
इस्लामाबाद, 18 अगस्तः 2007 में पाकिस्तान किसी इलाके में यौनशोषण की शिकार ताहिरा को एक एनजीओ 'वार अगेंस्ट रेप' (WAR) भेजा गया था। ताहिरा किशोरावस्था से ही अपने पिता द्वारा यौन शोषण का शिकार हो रही थी। जिस समय इस मामले को WAR ने उठाया था, ताहिरा एक स्थानीय विश्वविद्यालय में स्नातक की छात्रा थी। उसका पिता एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी था, जो कि एक शक्की प्रेमी की तरह व्यवहार करता था। वह हमेशा अपनी बेटी पर नजर रखता था। यहां तक कि फोन पर लंबी बातचीत करने की भी अनुमति नहीं देता था।

कुछ नहीं कर पाता कानून
ताहिरा ने कई बार अपनी मां से पिता द्वारा की जा रही जबरदस्ती और गाली-गलौज की बात बतायी, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। ताहिरा ने कहा कि उसके पिता हृदय रोगी थे और वह उनसे प्यार करती थी, लेकिन उनका दुर्व्यवहार बर्दाश्त से बाहर था। ताहिरा को लगता था कि वह अब यह सब नहीं झेल पाएगी। लेकिन ताहिरा को यह डर भी था कि अगर उसने पिता की शिकायत की तो वह दुःख से मर जाएगा। इसलिए ताहिरा ने पिता पर कोई आरोप नहीं लगाया। पिता ने भी पश्चाताप का नाटक किया और ताहिरा अंततः अपने माता-पिता के पास वापस चली गई। कानून उसके पिता का कुछ नहीं बिगाड़ पाया।

60 फीसदी मामले में घर का सदस्य शामिल
पाकिस्तान में यह इकलौती घटना नहीं है। पाकिस्तान में लगभग 60% नाबालिग लड़के-लड़कियों के यौन शोषण में उनके परिवार के लोग या सगे-संबंधी ही शामिल होते हैं। एनजीओ 'साहिल' की 'क्रुएल नंबर 2021' रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 में अखबारों में बाल शोषण के कुल 3852 मामले सामने आए। इन मामलों में बाल यौन शोषण, अपहरण, लापता बच्चों और बाल विवाह के मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में से सबसे अधिक 2275 यौन शोषण के मामले हैं।

एक साल में 30 फीसदी मामले बढ़े
यौन शोषण के इस मामले में नाबालिग बच्चे-बच्चियां दोनों शामिल हैं। इनकी उम्र 6-15 वर्ष के बीच है। इसमें 54 फीसदी लड़कियां और 46 फीसदी लड़कों का यौनशोषण हुआ है। साहिल की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 की तुलना में मामलों की संख्या में 30% से अधिक का उछाल आया है। WAR की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में पाकिस्तान में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा किसी महामारी के अनुपात में पहुंच गई है।

सबसे अधिक पिता द्वारा दुर्व्यवहार के मामले
WAR की रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी मामलों के एक बड़े हिस्से में पारिवारिक यौन शोषण शामिल है। यह आमतौर पर बहुत छोटे बच्चों, विशेष रूप से नाबालिग लड़कियों के साथ किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जो अधिकार की स्थिति रखता है और जिस पर वह भरोसा करता है। रिपोर्ट में आगे चौंकाने वाला दावा किया गया है कि सबसे अधिक रिपोर्ट किए गए दुर्व्यवहार के मामले पिता और बेटियों (साथ ही सौतेले पिता और सौतेली बेटी) के बीच अनाचार के मामले हैं।

घर के ही लोग करते हैं यौन शोषण
अक्सर इन स्थितियों में दुर्व्यवहार तब शुरू होता है जब बच्चा कुछ महीने का होता है, और यह कई सालों तक चलता रहता है। ऐसी स्थितियों में, बच्चा यह मानकर बड़ा होता है कि दुर्व्यवहार करने वाले की हरकतें रिश्ते का एक सामान्य हिस्सा हैं। यह आगे अन्य प्रकार के दुर्व्यवहार के मामलों की व्याख्या करता है जिसमें विस्तारित परिवार के सदस्यों (दादा, नाना,चाचा, मामा आदि) द्वारा भाई और बहन के साथ अनाचार किया जाता है, जो एक ही घर में रहते हैं तथा बच्चे तक अप्रतिबंधित पहुंच रखते हैं।

अधिकांश मामले रिपोर्ट नहीं हो पाते
एनजीओ ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा एक गंभीर रूप से कम रिपोर्ट किया गया मामला है। इसकी गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 60 से 70 प्रतिशत मामले कहीं भी रिपोर्ट नहीं किए जाते हैं। इसकी वजह से ऐसी घटनाओं पर समाज गंभीरता से विचार नहीं कर पाता है। ऐसे मामलों में अपराधी की आमतौर पर पारिवारिक संबंधों के कारण बच्चे या किशोर तक आसानी से पहुंच होती है। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग नहीं हो पाती क्योंकि कई बार बच्चा किसी वयस्क के दुर्व्यवहार का खुलासा नहीं कर पाता है।












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