FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर आ सकता है पाकिस्तान, जर्मनी ने शहबाज सरकार को दी खुशखबरी
इसी हफ्ते पाकिस्तान के फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की 'ग्रे लिस्ट' से बाहर होने की संभावना है। जो इस सप्ताह 14 से 17 जून, 2022 तक बर्लिन (जर्मनी) में आयोजित हो रही है।
इस्लामाबाद, जून 14: आतंकवादियों को संरक्षण देने और उन्हें आर्थिक मदद देने के आरोप में पिछले कई सालों से एफएटीएफ के ग्रे लिस्ट में शामिल पाकिस्तान को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है और पाकिस्तान को एफएटीएफ के ग्रे-लिस्ट से बाहर निकाला जा सकता है। इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के ग्रे-लिस्ट से बाहर आने की काफी ज्यादा संभावना है और इसी हफ्ते इसका ऐलान भी किया जा सकता है।

ग्रे-लिस्ट से बाहर आएगा पाकिस्तान
इसी हफ्ते पाकिस्तान के फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की 'ग्रे लिस्ट' से बाहर होने की संभावना है। इस बात की घोषणा एफएटीएफ प्लेनरी की बैठक में होगी. जो इस सप्ताह 14 से 17 जून, 2022 तक बर्लिन (जर्मनी) में आयोजित हो रही है। इंडिया टुडे टीवी को सूत्रों ने बताया है कि, पाकिस्तान को ग्रे-लिस्ट से बाहर निकालने की घोषणा को 'ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइम वाचडॉग' की वेबसाइट पर डाला जाएगा और इसके बाद एफएटीएफ की एक टीम द्वारा पाकिस्तान का दौरा किया जाएगा, पाकिस्तान इसका पालन करे, इस बात की तस्दीद की जा सके। पाकिस्तान फिलहाल 'अत्यधिक निगरानी और हाईरिस्क क्षेत्र' में शामिल है और पाकिस्तान इससे बाहर आने लायक हो गया है, इसकी जांच की जाएगी और इसकी आधिकारिक घोषाणा एफएटीएफ की अक्टूबर में होने वाली पूर्ण सत्र की बैठक में की जाएगी।

26 प्वाइंट्स पर पाकिस्तान ने किए काम
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने एफएटीएफ के लिए 2018 की अपनी कार्य योजना में 27 में से 26 प्वाइंट्स पर अहम काम कर लिए हैं और एफएटीएफ के एशिया पैसिफिक ग्रुप ऑन मनी लॉन्ड्रिंग (एपीजी) की 2021 की कार्य योजना के सात कार्य मदों में से छह को पूरा कर लिया है। एफएटीएफ की घोषणा के मुताबिक, 206 सदस्यों की इस ग्लोबल टीम के प्रतिनिधि, जिसमें आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, वित्तीय खुफिया इकाइयों और यूनाइटेड नेशंस के भी सदस्य शामिल हैं, वो सभी इस बैठक में भाग लेंगे। ये बैठक 14 जून से 17 जून तक जर्मनी में आयोजित की जा रही है।

जर्मनी के राजदूत ने दी खुशखबरी
पाकिस्तान में जर्मन राजदूत बर्नहार्ड श्लाघेक ने उम्मीद जताई है कि, पाकिस्तान को इसी महीने FATF की ग्रे लिस्ट से हटा दिया जाएगा। रविवार को इस्लामाबाद में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, जर्मन दूत ने एफएटीएफ में पाकिस्तान के खिलाफ पैरवी करने की चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एफएटीएफ एक सामूहिक मंच है और एक देश अकेले फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, "यह एक तकनीकी प्रक्रिया है और पाकिस्तान के संबंध में सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।"












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