एक मोबाइल ऐप से 5 करोड़ वोटर्स को टागरेट कर इमरान ने यूं जीता चुनाव
नई दिल्ली। इमरान खान की जीत के पीछे ना सिर्फ पाकिस्तान की सेना का हाथ था, बल्कि एक फोन ऐप और 5 करोड़ वोटर्स का डेटाबेस भी प्रमुख हथियार बताया जा रहा है। चुनाव से एक माह पहले इमरान खान की पाकिस्तान तेहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने डेटाबेस और ऐप के जरिए का इस्तेमाल किया गया। इसमें वोटर्स को चुनाव से पहले टारगेट करना और अपने लिए समर्थन जुटाना यह कोशिश पीटीआई के लिए मील का पत्थर साबित हुई है।

पीटीआई 25 जुलाई के चुनाव से पहले इस टेक्नॉलोजी प्लान के बारे में गुप्त था, क्योंकि विरोधी इसे कॉपी कर सकते थे। लेकिन कई पीटीआई के कार्यकर्ताओं ने बताया कि कैसे उनके एक ऐप ने पूरा चुनावी अभियान को ही बदल डाला और बढ़त हासिल कर ली। यह फोन ऐप चुनाव में समर्थन जुटाने करने में विशेष रूप से उपयोगी साबित हुआ। यह आंशिक रूप से बताता है कि कैसे खान की पार्टी ने 208 मिलियन लोगों वाले पाकिस्तान में हुए आम चुनाव में इतने बड़े मार्जिन से जीत हासिल की। हालांकि, विपक्षी अभी भी इस जीत के पीछे सेना का हाथ बता रहे हैं ।
ऐप और डेटाबेस का इस्तेमाल करने वाली टीम के साथ काम कर चुके आमिर मुगल कहते हैं कि इसका बहुत बड़ा असर हुआ। इसे कॉन्सिटीट्यूएंसी मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) के तौर पर जाना गया। मुगल के अनुसार, इमरान की पार्टी ने पाकिस्तान के चुनावी क्षेत्रों में डेटाबेस तैयार करने के लिए टीमें बनाईं, वोटर्स की पहचान की गई और उनमें से पीटीआई के वोटर्स का पता लगाया गया। इसके बाद उन्हें ऐप से जोड़ा गया और फिर यह सुनिश्चित किया गया कि ये वोटर्स चुनाव वाले दिन मतदान के लिए निकलें।
पाकिस्तान में हुए आम चुनाव में इमरान खान की पार्टी को सबसे ज्यादा 115 सीटों पर जीत मिली है और वे 14 अगस्त को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications